उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ लागू हुआ और कानून-व्यवस्था में सुधार के बाद उत्तर प्रदेश का पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदल गया।
वित्त मंत्री इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित ‘फ्रॉम फाइनेंशियल डिसिप्लिन टू ट्रांसपेरेंट सर्विस डिलीवरी’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ काम करते हुए कृषि, उद्योग, सर्विस सेक्टर और वित्तीय प्रबंधन में सुधार किया है।
‘50-50 साल से रुकी योजनाओं को मिली रफ्तार’
सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश को कभी विकास के लिहाज से पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन अब प्रदेश देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उनके मुताबिक राज्य की जीएसडीपी बढ़ने के साथ कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कई ऐसी योजनाओं पर काम किया, जो 50-50 वर्षों से लंबित थीं। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का असर बुंदेलखंड में भी दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, जहां कभी पीने के पानी का संकट था, वहां अब खेती की स्थिति बदली है और किसान तीन फसलें तक ले रहे हैं।
किसानों की आय और क्रय शक्ति बढ़ने का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों की उपज की खरीद का पैसा सीधे उनके खातों तक पहुंचा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी और अर्थव्यवस्था को भी गति मिली। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के बड़े पैमाने पर वितरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार की सहायता से पात्र लोगों को छह लाख रुपये तक का कर्ज छह प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
निवेश और वित्तीय प्रबंधन पर जोर
सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ा है और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए बड़े निवेश को जमीन पर उतारा गया है। मैन्युफैक्चरिंग के साथ सर्विस और पर्यटन क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गैर-जरूरी खर्च को रोककर वित्तीय प्रबंधन बेहतर करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री की ओर से विभागों को बजट का समयबद्ध इस्तेमाल करने और वित्तीय स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
9.5 लाख सरकारी नौकरियां देने का दावा
रोजगार के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 9.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि नियुक्तियों में योग्यता और क्षमता को आधार बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक लाख और सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हुनरमंद युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड से सतर्कता जरूरी
साइबर अपराध को लेकर सुरेश खन्ना ने कहा कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड होने पर लोगों को तुरंत उठाए जाने वाले कदम और रकम वापस पाने की प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार के जरिए उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
साइबर फ्रॉड में पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण
एसपी साइबर क्राइम राजेश यादव ने साइबर अपराध की चुनौतियों और बचाव के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी और फर्जी अप्रूवल जैसे तरीकों से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है।
राजेश यादव ने कहा कि साइबर फ्रॉड में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। पहले एक घंटे के भीतर शिकायत करने से रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क है। लखनऊ में 1930 कॉल सेंटर के साथ साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर भी संचालित किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर संबंधित बैंक के माध्यम से रकम रोकने की कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध सीमाओं से परे होने वाला अपराध है। इससे निपटने के लिए पुलिस और बैंकों के साथ स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, यूथ एवं स्पोर्ट्स क्लब और स्थानीय संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है।
कार्यक्रम में सचिव वित्त संदीप कौर, विशेष सचिव वित्त मनोज कुमार तिवारी, साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक राजेश यादव, एसबीआई नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक राजीव कुमार मिश्रा, नाबार्ड प्रधान कार्यालय मुंबई के मुख्य महाप्रबंधक संजीव डी. रोहिल्ला और केनरा बैंक नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक संदीप सक्सेना समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।