प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हो गए है। इस दौरे के दौरान वह दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे और कई अहम अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा कूटनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से होगी। दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों की समीक्षा करेंगे और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जिसका उद्देश्य नवाचार और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देना है।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से होगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर द्विपक्षीय वार्ता होगी। कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। स्लोवाकिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर फ्रांस लौटेंगे और 16-17 जून को एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को पेरिस में आयोजित 'विवाटेक समिट' में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम दुनिया के प्रमुख तकनीकी और स्टार्टअप आयोजनों में से एक है, जहां नवाचार और उभरती तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत के यूरोपीय देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित करेगा।