Breaking News

UP: दिवाली-छठ तक लगातार बिजली सप्लाई के निर्देश     |   तूफान से बढ़े जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट-सीएम चंद्रबाबू का निर्देश     |   ग्रेटर नोएडा : गौर चौक अंडरपास आज से ट्रायल रन के लिए खुला     |   लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीपावली अवकाश घोषित, 6-7 और 10 नवंबर को ऑनलाइन क्लास     |   गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती, GRAP-II के तहत वाहनों की एंट्री पर पाबंदी     |  

आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु का असर कम, बारिश थमी

आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु का असर अब काफी कम हो गया है। गुरुवार सुबह तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश थम गई। दक्षिणी तटीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में ही हल्की बारिश दर्ज की गई। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (RTGS) के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

4 नवंबर को भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर गोदावरी क्षेत्र में देखने को मिला। पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, एलुरु और पोलावरम जिलों के कुछ केंद्रों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं, 5 नवंबर की सुबह बारिश का असर नेल्लोर जिले की ओर रहा, लेकिन यहां भी बारिश हल्की से मध्यम स्तर की थी। रायलसीमा समेत राज्य के अधिकतर जिलों में बहुत कम या बिल्कुल बारिश नहीं हुई।

शहरों में जलभराव की स्थिति में सुधार

शहरी इलाकों में भी बारिश का असर कम हुआ है। गुरुवार सुबह किसी भी शहर में भारी बारिश या नए जलभराव की सूचना नहीं मिली। पिछले दो दिनों में सबसे ज्यादा बारिश गोदावरी क्षेत्र के निदादावोल, कोव्वुर और काकीनाडा में दर्ज की गई। इसके बाद कोनसीमा के मुम्मिदिवरम और अमलापुरम का स्थान रहा।

नदियों और जलाशयों का जलस्तर स्थिर

बारिश कम होने के साथ जलाशयों और नालों की स्थिति भी स्थिर हो गई है। निगरानी में रखी गई सभी परियोजनाओं में पानी का प्रवाह स्थिर है या घट रहा है। प्रकाशम बैराज से उतना ही पानी छोड़ा जा रहा है, जितना वहां पहुंच रहा है।

थम्मिलेरू और बुड़मेरू नदियों का जलस्तर, जो बुधवार रात बढ़ रहा था, अब घटने लगा है। येर्रा कालवा का जलस्तर भी स्थिर हो गया है। वहीं, कोंडावीटि वागु पंप हाउस को जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए चलाया जा रहा है।

आने वाले दिनों में हल्की बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सप्ताहांत में नेल्लोर, तिरुपति और बापटला जैसे दक्षिणी तटीय जिलों में बारिश थोड़ी बढ़ने की संभावना है, लेकिन इसके मध्यम रहने का अनुमान है।

प्रशासन ने निचले इलाकों और नालों, नहरों व जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से उफनते नालों और पानी से भरे रास्तों को पार नहीं करने और जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पूरे हालात पर लगातार नजर रख रहा है।