मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दोनों दल लोकतंत्र बचाने के नाम पर अपना परिवार बचाने का अभियान चला रहे हैं। परिवारवादी राजनीति के कारण इन पार्टियों में एक ही परिवार के लोग अध्यक्ष बनते हैं और पार्टी को उसी परिवार के इर्द-गिर्द चलाया जाता है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को गाजियाबाद में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव हारने के बाद ईवीएम, निर्वाचन आयोग और एसआईआर पर सवाल उठाते हैं। अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना उनकी आदत बन गई है।
सीएम योगी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आह्वान पर विपक्षी दलों की कथित अराजकता के खिलाफ देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। पांच नवंबर को देश के 100 स्थानों पर पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं।
राहुल गांधी पर छात्र का उदाहरण देकर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उनकी तुलना ऐसे छात्र से की, जो बार-बार परीक्षा में फेल होने पर अपनी गलती मानने के बजाय नए-नए बहाने बनाता है। उन्होंने कहा कि कभी ऐसा छात्र मास्टर पर कॉपी बदलने का आरोप लगाता है, तो कभी प्रश्नपत्र को पाठ्यक्रम से बाहर बताता है। कभी पेन की स्याही खत्म होने और कभी दूसरे छात्र के तेज लिखने को अपनी असफलता की वजह बताता है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस के युवराज की भी यही स्थिति है। जनता का विश्वास खोने के बाद भी वे अपनी गलतियों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
कांग्रेस पर घोटालों का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए कॉमनवेल्थ, 2जी, कोयला और उर्वरक घोटालों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से परेशान जनता ने वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जिम्मेदारी सौंपी। कांग्रेस को अपनी नाकामियों का ठीकरा भाजपा और प्रधानमंत्री पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।
सपा शासन में दंगे और कर्फ्यू का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी, दंगे और कर्फ्यू की घटनाएं आम थीं। उन्होंने कोसीकलां, मुजफ्फरनगर, मथुरा, बरेली, संभल, मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ और सहारनपुर की घटनाओं का उल्लेख किया।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि उस दौर में बेटियां और व्यापारी सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली सपा आज लोकतंत्र की बात कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा शासन में मीडिया को भी निशाना बनाया गया।
आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ की जाने वाली टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। साथ ही वर्ष 1984 की सिख विरोधी हिंसा का जिक्र करते हुए एक नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा।
राम मंदिर निर्माण का विरोध करने का लगाया आरोप
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और इसके रास्ते में बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाई गईं और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण के बावजूद दोनों दलों के नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत और विकास दोनों को आगे बढ़ाया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ तो गरीबों को आवास भी मिले। काशी विश्वनाथ धाम का विकास हुआ और केदारपुरी का पुनर्निर्माण भी किया गया।
2014 के बाद देश में तेजी से हुआ विकास: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश आतंकवाद, नक्सलवाद, भ्रष्टाचार और आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था। आज भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। दिल्ली-मेरठ के बीच देश की पहली रैपिड रेल चल रही है। देश में एम्स की संख्या बढ़कर 23 हो गई है और 12 के करीब सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 55 करोड़ लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ और चार करोड़ गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 12 करोड़ घरों में शौचालय और 10 करोड़ घरों में रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं। किसान सम्मान निधि और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिला है।
जनता ने नकारा तो निर्वाचन आयोग पर उठाने लगे सवाल
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 1985 के बाद कांग्रेस को सत्ता का जनादेश नहीं मिला। तमिलनाडु में 1967 और पश्चिम बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस सत्ता में नहीं लौटी। गुजरात, ओडिशा और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस की हार एसआईआर से पहले हुई थी, इसलिए हार का जिम्मेदार निर्वाचन आयोग को ठहराना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को समान मताधिकार मिला है। इसकी रक्षा के लिए संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है। भाजपा जनादेश का सम्मान करती है और अपनी कमियों का दोष संस्थाओं पर नहीं डालती। उन्होंने लोगों से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान में भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी अनंत ओझा, राज्यसभा सांसद रामप्रताप सिंह चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, गुलाब देवी, बलदेव सिंह औलख, कपिल देव अग्रवाल, नरेंद्र कश्यप, सोमेंद्र तोमर, जसवंत सिंह सैनी और दिनेश खटीक सहित कई नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा सांसद डॉ. महेश शर्मा, लक्ष्मीकांत बाजपेयी, अतुल गर्ग, सुरेंद्र नागर, भाजपा नेता सुरेश राणा, नीरज सिंह, मोहित बेनीवाल और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी समेत दोनों दलों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।