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जिनपिंग की चेतावनी, बोले- दुनिया ‘जंगलराज’ की ओर बढ़ रही

China: जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। बीजिंग में व्लादिमिर पुतिन के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा हालात नहीं सुधरे, तो दुनिया फिर “जंगलराज” की ओर बढ़ सकती है।रॉयटर्स के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा कि लगातार युद्ध और एकतरफा सैन्य कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक स्थिरता पर गहरा असर पड़ सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस संघर्ष को तुरंत रोकना बेहद जरूरी है।

बीजिंग में हाई-लेवल मीटिंग
बीजिंग के Great Hall of the People में दोनों नेताओं की औपचारिक मुलाकात हुई। रेड कार्पेट स्वागत और सैन्य सम्मान के साथ बैठक शुरू हुई, जहां दोनों देशों के राष्ट्रगान भी बजाए गए।
“दबदबे की राजनीति खत्म होनी चाहिए”

पुतिन और जिनपिंग ने एक सुर में कहा कि दुनिया को “दबदबे की राजनीति” से बाहर निकलना होगा। दोनों नेताओं ने मिलकर एक न्यायपूर्ण और संतुलित वैश्विक व्यवस्था बनाने की बात कही। इस दौरान मिडिल ईस्ट संकट, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक राजनीति और BRICS जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

40 से ज्यादा समझौतों की तैयारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस और चीन के बीच करीब 40 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। ये समझौते अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों से जुड़े होंगे।यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में रूस की गैस सप्लाई कम होने से, चीन के साथ ऊर्जा सहयोग रूस के लिए और भी अहम हो गया है।

पुतिन: रिश्ते “अभूतपूर्व स्तर” पर

पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंध अब “अभूतपूर्व स्तर” पर पहुंच चुके हैं। दोनों देश संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं।

चीन की संतुलन की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस समय United States और रूस के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। खासकर यूक्रेन और ईरान जैसे मुद्दों पर बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच यह रणनीति अहम मानी जा रही है।

40+ बार मिल चुके हैं दोनों नेता
पुतिन और जिनपिंग अब तक 40 से ज्यादा बार मिल चुके हैं। उनकी साझेदारी को दुनिया की सबसे मजबूत रणनीतिक साझेदारियों में गिना जाता है।