उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन, नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। बाढ़ पीड़ितों तक भोजन, पेयजल और जरूरी दवाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, जलभराव से निपटने के लिए एलडीए ने 26 पंपिंग सेट लगाए हैं।
महापौर ने नाव से पहुंचकर जाना लोगों का हाल
महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाऊद नगर और मिल्लत नगर समेत कई क्षेत्रों का दौरा किया। इसके अलावा जोन-6 के हयात नगर, सेहठा गांव और गुल्मी खेड़ा में नाव के जरिए पहुंचकर प्रभावित नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
इस दौरान महापौर ने लोगों को भोजन के पैकेट, पेयजल और आवश्यक दवाएं वितरित कीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री लगातार पहुंचाई जाए और किसी को भी जरूरी सुविधाओं की कमी न होने दी जाए।
बाढ़ पीड़ितों को बांटे जा रहे भोजन के पैकेट
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, दाऊद नगर, मामा कॉलोनी और लोहरामऊ में करीब 800 भोजन के पैकेट वितरित किए गए। इसके अलावा विभिन्न प्रभावित बस्तियों और गलियों में दिन के दोनों समय 1,450 से अधिक भोजन के पैकेट पहुंचाए गए।
प्रशासन की ओर से गृह निर्माण संस्था क्षेत्र, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, हयात नगर, तांड खेड़ा और बरावन कला समेत कई इलाकों में भोजन वितरित किया गया। जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि संकट के समय उन्हें खाने-पीने की परेशानी न हो।
हेल्थ कैंप और कंट्रोल रूम का भी किया निरीक्षण
महापौर सुषमा खर्कवाल ने प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर दवाओं और इलाज की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर इलाज और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही महापौर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से लोगों की ओर से मिल रही शिकायतों और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
गोमती का जलस्तर बढ़ने से जलभराव, एलडीए ने लगाए 26 पंपिंग सेट
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से इकाना स्टेडियम, प्लासियो मॉल और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे निपटने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने राहत अभियान तेज कर दिया है।
एलडीए के अनुसार, जिस स्थान से गोमती का पानी योजना क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, वहां बोल्डर और मिट्टी डालकर मजबूत अस्थायी अवरोध बनाया गया है। पानी निकालने के लिए 26 पंपिंग सेट लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार शाम पांच बजे तक जलभराव की स्थिति में काफी सुधार दर्ज किया गया।
24 घंटे निगरानी कर रहे अधिकारी और कर्मचारी
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और सचिव सुशील प्रताप सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ा दी गई।
राहत कार्यों की निगरानी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एलडीए के अधिकारी, अभियंता और कर्मचारी तीन शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीजी सिटी अर्बन वेटलैंड और नौसेना शौर्य वाटिका को अगले आदेश तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।