चक्रवात, भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने फसल क्षति का तेजी से और पारदर्शी आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर 12 अक्टूबर तक राहत पोर्टल पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर फसल क्षति की फीडिंग पूरी करने को कहा है। डिजिटल सर्वे पूरा होने के बाद पात्र किसानों को फसल नुकसान के आधार पर नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित किसान के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
अधिकारी खुद मौके पर जाकर देखेंगे फसल नुकसान
राहत आयुक्त ने कहा कि फसल क्षति का आकलन केवल लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा। जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी खुद क्षेत्र में जाकर सर्वे की स्थिति की जांच करेंगे और इसकी गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। बाढ़ के पानी में डूबी फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जाएगा। इसके आधार पर खेतों में हुई वास्तविक क्षति का आकलन किया जाएगा। उप जिलाधिकारी और तहसीलदार डिजिटल सर्वे का क्रॉस-वेरिफिकेशन भी करेंगे।
IMD और AWS-ARG के आंकड़ों से होगा वैज्ञानिक आकलन
फसल नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) और AWS-ARG के आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इन आंकड़ों से संबंधित क्षेत्रों