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राहुल के इडियट शब्द पर हंगामा, रिजिजू बोले- असंसदीय शब्द ना बोलें

एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपने संबोधन में इडियट कहा जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया।

इडियट शब्द पर हंगामा-

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है। उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त। ये तीन कैटेगरी हैं। छात्र जो हैं, वह शिक्षा के सिस्टम की बात कर रहे हैं। स्टूडेंट आठ-10 घंटे पढ़ते हैं. एजुकेशन महंगी है। वर्षों पढ़ते हैं। इस पर ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। इस पर आपत्ति करते हुए रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी असंसदीय शब्द इस्तेमाल करते हैं। ये तरीके से एक छात्रा के नाम पर वह शब्द बोल रहे हैं;इसे एक्सपंज किया जाए। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे निकाल दिया जाएगा।

राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह मैं दूसरा शब्द दे देता हूं। इस पर ओम बिरला ने कहा कि इसके लिए आपको व्यवस्था देने की जरूरत नहीं है, मैं व्यवस्था दे चुका हूं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सजग है, सच्चाई जानता है। एक परीक्षा पर शिक्षा के बजट से ज्यादा खर्च होता है। अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि कई लोगों को लगता है कि छात्रों को पेपर लीक की वजह से गुस्सा आया है। हमारी शिक्षा व्यवस्था पहले ही क्रूर है। लाखों रुपये गरीबों से लिए जाते हैं। हर चीज प्राइवेटाइज है। पेपर लीक, एक परीक्षा में कुछ होता है, दूसरे में कुछ। एक में रिएग्जाम होता है, दूसरे में नहीं होता है। यह एक बेहद खराब व्यवस्था है। यह सिस्टम और इसकी आत्मा को कब्जे में कर लिया गया है। इसे आरएसएस ने कब्जे में किया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हम यूपीए नहीं है, हमारे मंत्री कभी इस्तीफा नहीं देते। वो सही कह रहे हैं। यहां जो हुआ, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, उससे कुछ हासिल नहीं हुआ, क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान कभी नहीं चलाते। उसे आरएसएस चलाता है। मंत्री के दफ्तर में बैठा एक ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी)। छात्रों को कुछ बोलने नहीं दिया जाता। उन्हें अपने मन की चीज फॉलो नहीं करने दी जाती। उन्हें वह इतिहास पढ़ना पडता है, जो आरएसएस लाना चाहता है। हर यूनिवर्सिटी में आज आरएसएस से जुड़ा वाइस चांसलर है। धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ एक व्यक्ति हैं, आपका असली दुश्मन आरएसएस है।