उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। यूपीआईटीएस-2026 के चौथे संस्करण में देश-विदेश से बड़ी संख्या में खरीदार और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिससे प्रदेश के छोटे उद्यमों को नए बाजार और कारोबारी अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले तीन आयोजनों की सफलता के बाद यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इस बार आयोजन को पहले से अधिक व्यापक स्वरूप दिया गया है।
2,400 से अधिक स्टॉल, 600 से ज्यादा विदेशी खरीदार
एमएसएमई मंत्री ने बताया कि यूपीआईटीएस-2026 में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल और जीआई उत्पादों से जुड़े 2,400 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। आयोजन में 90 से अधिक देशों के 600 से ज्यादा खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा 5 लाख से अधिक फुटफॉल की संभावना है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से विदेशी खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों के जरिए प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक खरीदारों से सीधे बातचीत करने, नए बाजार तलाशने और अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
ई-कॉमर्स से एआई तक नॉलेज सेशन
ट्रेड शो में ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, वित्त, एफपीओ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैनेजमेंट और फार्मा समेत विभिन्न विषयों पर नॉलेज सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि निर्यातकों, युवा उद्यमियों, इनोवेटर्स, तकनीकी संस्थानों, ओडीओपी उद्यमियों, खाद्य क्षेत्र, महिला उद्यमियों और सरकारी विभागों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमों को वैश्विक स्तर पर एक्सपोजर मिलेगा।
एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां
भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां हैं। उनके अनुसार यह संख्या देश में सबसे अधिक है। इन इकाइयों से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कृषि के बाद एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूंजी निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए अलग-अलग सेक्टरों के लिए नीतियां लागू की गई हैं। निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से इन नीतियों का लाभ ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है।
ओडीओपी और अन्य योजनाओं से उद्यमियों को मदद
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना के जरिए छोटे उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को ऋण, प्रशिक्षण, मार्केटिंग और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक जरूरतों से जोड़ना और युवाओं व कारीगरों के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
6 लाख से अधिक कारीगरों को मिला लाभ
भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत अब तक 6 लाख से अधिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को लाभ मिल चुका है। योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने हुनर को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार विकसित कर सकें।
उन्होंने बताया कि इस बार योजना में 14 नई ट्रेडों को जोड़ा गया है। अब कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण और उन्नत टूल किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके साथ ही स्वरोजगार शुरू करने के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री ने कहा कि यूपीआईटीएस के जरिए उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल रही है।