Telangana: आपने कभी सोचा है कि जेल के अंदर का जीवन कैसा होता होगा? तेलंगाना में हैदराबाद की चंचलगुडा केंद्रीय जेल में इसे करीब से अनुभव किया जा सकता है। इसके लिए यहां एक अनूठी पहल शुरू की गई है - 'फील द जेल'।
ये तेलंगाना जेल और सुधार सेवा विभाग की अपनी तरह की पहली पहल है, जो आम लोगों को अपनी मर्जी से 12 या 24 घंटे जेल में बिताने और कैदियों की दिनचर्या का पालन करने का मौका देती है। इस पहल का मकसद लोगों को आजादी की अहमियत और जेल के कठोर जीवन को समझने में मदद करना है।
अधिकारियों ने जेलों के इतिहास के बारे में बताने के लिए एक जेल संग्रहालय भी शुरू किया है। इसमें निजाम के समय से लेकर आधुनिक सुधारों तक की जानकारी दी गई है। संग्रहालय में तस्वीरों, इंस्टॉलेशन और कुछ प्रदर्शनियों के माध्यम से, समय के साथ बदलती जेलें और सजा देने की प्रथाओं को सामने लाने की कोशिश की गई है।
लोगों की प्रतिक्रिया देखते हुए जेल अधिकारियों को उम्मीद है कि ये पहल लंबे समय तक जारी रहेगी। इससे जेलों की अवधारणा सिर्फ सजा के केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि जागरूकता, शिक्षा और सुधार की जगहों की भी बनेगी।