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‘संत संसद 2026’: संतों ने हर संकट में देश को दिखाई राह: बालक देवाचार्य जी महाराज

जयपुर में आयोजित ‘संत संसद 2026’ में आस्था के साथ देशप्रेम का विशेष संगम देखने को मिला। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन नेटवर्क 10 न्यूज चैनल द्वारा किया गया। शुरुआत में संतों ने अमर जवान ज्योति पर पहुंचकर शहीदों को नमन किया। वहीं, महिलाओं ने कलश यात्रा के जरिए संतों का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने नेटवर्क 10 की इस पहल की सराहना की। 

इस विशेष कार्यक्रम में पातालपुरी पीठाधीश्वर परम पूज्य अनंत श्री विभूषित श्रीमद् जगद्गुरु नरहर्यानंद द्वाराचार्य श्री बालक देवाचार्य जी महाराज भी शामिल हुए। महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि जब-जब देश पर संकट आया है, संतों ने ही समाज को सही मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का गौरव कैसे बढ़े, उसका संरक्षण और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो—इन सभी विषयों पर संतों ने सदैव चिंतन किया है। आज भी जब परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, संत समाज एकजुट होकर समाज को दिशा देने के लिए उपस्थित है।

उन्होंने जाति प्रथा पर भी अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि रामचरितमानस के आदर्शों को जीवन में उतारा जाए, तो जातिगत भेदभाव समाप्त हो सकता है। उन्होंने भगवान राम के जीवन से उदाहरण देते हुए बताया कि शबरी के प्रति उनका व्यवहार और केवट को गले लगाने जैसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि उन्होंने समाज में समानता और समरसता का संदेश दिया।

महाराज ने कहा कि रामचरितमानस के माध्यम से संतों ने सदैव समाज को एकजुट करने और राष्ट्र को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। अंत में उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्र को प्रबुद्ध और सशक्त बनाना है, तो इसके लिए कुछ मूलभूत सिद्धांतों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।