Breaking News

PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, बहादुरी की सराहना     |   अफगानिस्तान में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, 5.3 रही तीव्रता     |   मुंबई एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता का बड़ा हिस्सा आज से नवी मुंबई एयरपोर्ट शिफ्ट होगा     |   आंध्र प्रदेश में नई एक्साइज शॉप पॉलिसी आज से लागू, शराब दुकानों की व्यवस्था बदलेगी     |   यूपी में बिना PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, NCR में प्रदूषण 35% घटाने का लक्ष्य     |  

राम गोपाल यादव बोले- ईमानदार लोगों के हाथ में हो व्यवस्था, तभी रुकेगा पेपर लीक

समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद राम गोपाल यादव ने बुधवार को प्रस्तावित लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी व्यवस्था ईमानदार लोगों के हाथों में नहीं होगी, तब तक पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है। राम गोपाल यादव ने कहा कि अगर प्रश्नपत्र तैयार करने वाला व्यक्ति और उसकी छपाई से जुड़े लोग पूरी तरह ईमानदार हों और विजिलेंस या CBI की ओर से एजेंसियों और कोचिंग सेंटरों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, तो कोई भी पेपर लीक नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, "जब तक सब कुछ ईमानदार लोगों के हाथों में नहीं होगा, तब तक यह नहीं रुक सकता। वास्तव में भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक फैल चुका है। आप कानून बनाते रहिए, कई कानून बनाए गए हैं। क्या उससे सब कुछ रुक गया?" उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए व्यवस्था में ईमानदार और जिम्मेदार लोगों की नियुक्ति जरूरी है।

राम गोपाल यादव की यह टिप्पणी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं पर राजनीति करने का आरोप लगाया था। रिजिजू ने कहा कि अगर प्रियंका गांधी ने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया होता, तो उन्हें इसकी अहमियत समझ आती। उन्होंने कहा कि विपक्ष विधेयक पर बात नहीं कर रहा है, इसलिए सरकार किस बात का जवाब दे। उन्होंने कहा कि देर रात तक चलने वाली संसद की कार्यवाही में सार्थक बहस, रचनात्मक सुझाव और आलोचना होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर विधेयक में कोई कमी है तो विपक्ष को उसे सामने रखना चाहिए। साथ ही छात्रों के हित में किए गए विधेयक के प्रावधानों को भी स्वीकार करना चाहिए। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विधेयक को नजरअंदाज कर संसद के बाहर राजनीति कर रहे हैं। NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो रही है। इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए कड़ी सजा और तेज जांच का प्रावधान करना है।

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए छात्रों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और इसे "मील का पत्थर साबित होने वाला कानून" बताया। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य सांसदों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।