प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत असम और पश्चिम बंगाल में 16 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भारत-म्यांमार सीमा के जरिए विदेशी मूल की सुपारी की कथित तस्करी से जुड़े एक सिंडिकेट की जांच के सिलसिले में की गई।
ED के गुवाहाटी जोनल कार्यालय की टीम ने सिलीगुड़ी के ट्रांसपोर्टर धीरज घोष और उनके सहयोगियों बिनॉय बर्मन व संदीप बैद से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। इसके अलावा गुवाहाटी स्थित लॉजिस्टिक्स कंपनियों जय करनी ट्रेडिंग्स प्राइवेट लिमिटेड और पूर्वोत्तर एग्रो प्राइवेट लिमिटेड तथा कारोबारी नवरतन बैद समेत अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
म्यांमार के रास्ते भारत आने का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कथित सिंडिकेट इंडोनेशिया और थाईलैंड की सुपारी को म्यांमार के रास्ते मिजोरम में लाता था। इसके बाद स्थानीय लोगों को कथित तौर पर फर्मों का फ्रंट मालिक बनाकर उनके जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन को संचालित किया जाता था।
यूपी, बिहार और महाराष्ट्र तक पहुंचती थी सुपारी
अधिकारियों ने बताया कि इन सुपारी की खेपों को कथित तौर पर फर्जी GST और परिवहन दस्तावेजों के जरिए उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला बनाने वाली कंपनियों तक पहुंचाया जाता था।
ट्रक ऑपरेटरों से कथित तौर पर लिए जाते थे पैसे
ED सिलीगुड़ी स्थित एक नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित तौर पर ट्रक ऑपरेटरों से हर महीने भुगतान लेता था। इसके बदले उन्हें ऐसे टोकन दिए जाते थे, जिनके जरिए असम सीमा से पश्चिम बंगाल और बिहार होते हुए माल की बिना जांच आवाजाही सुनिश्चित होने का दावा किया जाता था।
ED अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान इस कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच का हिस्सा है। एजेंसी मामले में संदिग्ध वित्तीय संबंधों और धन के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।