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लखनऊ स्थित नौसेना शौर्य संग्रहालय का होगा विस्तार, 6.8 एकड़ में होगा वाटर बॉडी का विकास, 2027 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

लखनऊ में विकसित हो रहे नौसेना शौर्य संग्रहालय का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना के तीसरे चरण के तहत करीब 6.8 एकड़ जमीन पर वाटर बॉडी विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही संग्रहालय परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपने का फैसला लिया गया।

वाटर बॉडी विकसित करने के लिए एलडीए 6.8 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। यहां नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो और समुद्री जैव विविधता से जुड़ी प्रदर्शनियां विकसित की जाएंगी। परियोजना का उद्देश्य लखनऊ में ऐसा पर्यटन केंद्र तैयार करना है, जहां लोग भारतीय नौसेना के इतिहास, तकनीक और सामरिक क्षमताओं को जानने के साथ मनोरंजन का भी आनंद ले सकें।

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भारतीय नौसेना के सहयोग से नौसेना शौर्य संग्रहालय विकसित कर रहा है। यहां नौसेना के उपकरणों, समुद्री इतिहास और देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी।

संग्रहालय में डिजिटल तकनीक, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और सिमुलेशन के जरिए पर्यटक नौसेना की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे। इसका उद्देश्य अनुभव आधारित और ज्ञानवर्धक पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है, जो लोगों में जिज्ञासा पैदा करने के साथ युवाओं को देश की राष्ट्रीय विरासत से जोड़ें।

उन्होंने कहा कि अनुभव आधारित पर्यटन से विद्यार्थियों के लिए इतिहास, विज्ञान और तकनीक को समझना आसान और रोचक होगा। नौसेना शौर्य संग्रहालय के विस्तार से परिवारों को लखनऊ में घूमने का एक नया विकल्प मिलेगा। साथ ही पर्यटन से जुड़े कारोबार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

परियोजना के पहले चरण में विकसित नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन 30 मई 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किया था। यहां भारतीय नौसेना की ओर से उपलब्ध कराए गए युद्धपोतों और पनडुब्बियों के हिस्से, नौसैनिक तोपें, लंगर और प्रोपेलर प्रदर्शित किए गए हैं। इनके जरिए पर्यटक समुद्र से दूर स्थित लखनऊ में भी भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली और उसकी सामरिक क्षमताओं के बारे में जान सकते हैं।

परियोजना के तहत प्रस्तावित क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर में भारत की समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यहां डिजिटल गैलरी, इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियां और सिमुलेशन विकसित किए जाएंगे।

इनके माध्यम से प्राचीन समुद्री व्यापार से लेकर आधुनिक नौसैनिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा तकनीक तक की जानकारी दी जाएगी। केंद्र में समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत और बचाव अभियानों में भारतीय नौसेना की भूमिका को भी दर्शाया जाएगा। इसके अलावा एक्वेरियम विकसित करने की योजना है, जिससे विद्यार्थियों और शोध में रुचि रखने वाले युवाओं को समुद्री जीवन के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।

नौसेना शौर्य संग्रहालय भवन, नौसेना शौर्य वाटिका और क्यूरेशन से जुड़े कार्यों के लिए अब तक करीब 69.10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। वर्ष 2025 में शुरू हुई इस तीन चरणों वाली परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

परिसर में प्रवेश के लिए टिकट की व्यवस्था होगी, जबकि विद्यार्थियों और स्कूली बच्चों को रियायती दरों पर प्रवेश दिया जाएगा। इससे स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण को बढ़ावा मिलने और विद्यार्थियों को इतिहास, विज्ञान, तकनीक तथा राष्ट्रीय सेवा से जुड़े विषयों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

नौसेना शौर्य वाटिका के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एलडीए संभालेगा। क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर और वाटर बॉडी का निर्माण पूरा होने के बाद उनका संचालन भी इसी व्यवस्था के तहत किया जाएगा। इससे पूरे परिसर की सुरक्षा, रखरखाव, टिकट व्यवस्था और पर्यटकों को मिलने वाली सुविधाओं का प्रबंधन एक ही एजेंसी के माध्यम से किया जा सकेगा।