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खड़गे का EC पर हमला, बोले- ‘CEC सरकार के इशारे पर काम कर रहे’, चिदंबरम ने भी उठाए SIR पर सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। INDIA ब्लॉक के चुनाव आयोग मार्च के दौरान खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के अधिकार छीन रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। खड़गे ने कहा कि आजादी के बाद देश को मिला सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के मुताबिक काम कर रहा है।

खड़गे ने कहा कि अगर संवैधानिक संस्थाएं इसी तरह काम करती रहीं तो देश में लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकों को दोबारा गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। साथ ही कहा कि INDIA गठबंधन अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

SIR को लेकर कार्ति चिदंबरम ने उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए नागरिकों को उनके वोट के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। चिदंबरम ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के हर भारतीय नागरिक को वोट देने का मौलिक अधिकार है। उन्होंने Form 6 और Form 7 में किए गए बदलावों को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि Form 6 पहली बार वोटर बनने वालों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है। उनके मुताबिक, इसमें आवेदक से यह पूछा जा रहा है कि उसके माता-पिता और दादा-दादी मतदाता थे या नहीं और उन्होंने कहां मतदान किया था। चिदंबरम ने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के वोट देने का अधिकार उसके माता-पिता के मतदाता होने पर निर्भर नहीं हो सकता।

वहीं, Form 7 का इस्तेमाल मृत या दूसरी जगह चले गए मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जाता है। चिदंबरम ने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक BJP कार्यकर्ता ने 7,000 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए Form 7 आवेदन दाखिल किए।

चुनाव आयोग से सुधार की मांग

चिदंबरम ने कहा कि अगर मतदाता सूची में गड़बड़ी होगी तो उसके आधार पर होने वाले चुनाव के नतीजे की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग में तत्काल सुधार और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। BJP नेता संबित पात्रा के कांग्रेस पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने के आरोप पर चिदंबरम ने कहा कि SIR को लेकर सवाल केवल कांग्रेस नहीं उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा और पूर्व न्यायाधीशों, पूर्व नौकरशाहों, सिविल सोसायटी और युवाओं समेत कई लोग इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं।

चुनाव आयोग के बाहर मार्च

दरअसल, मंगलवार को विपक्षी INDIA ब्लॉक के नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। INDIA ब्लॉक के कई दलों के नेताओं ने इस मार्च में हिस्सा लिया। विपक्ष ने इसे अपने 'Save Democracy' अभियान का हिस्सा बताया है। इस अभियान के तहत विपक्षी नेता चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम कर रहे हैं। मंगलवार का मार्च चुनाव आयोग के कार्यालय निर्वाचन सदन की ओर किया गया। इससे विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।