तमिलनाडु के तूतीकोरिन में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए थूथुकुडी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए अलग से वयस्क और बच्चों के विशेष वार्ड बनाए गए हैं। इन वार्डों में आइसोलेशन बेड के साथ मच्छरदानी की भी व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों से संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।
अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए वयस्क वार्ड में करीब 60 बेड और बच्चों के वार्ड में 40 बेड आरक्षित किए गए हैं। मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए अस्पताल ने दवाओं और जरूरी मेडिकल संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक भी रखा है। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आर. पद्मनाभन ने बताया कि तेज बुखार और डेंगू जैसे लक्षणों वाले मरीजों के लिए जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में IV फ्लूइड, दवाएं, प्लाज्मा और ब्लड कंपोनेंट्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
डेंगू के तीन चरण, पांचवें-छठे दिन सावधानी जरूरी
डॉ. पद्मनाभन के मुताबिक डेंगू बीमारी आमतौर पर तीन चरणों में आगे बढ़ती है। शुरुआत में मरीज को तेज बुखार रहता है। बुखार का चरण खत्म होने के बाद आमतौर पर पांचवें या छठे दिन बीमारी का क्रिटिकल फेज शुरू हो सकता है। इस दौरान मरीज को पेट में तेज दर्द, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस चरण में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिर सकती है, जिससे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और शरीर के अलग-अलग हिस्सों से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। नाक, मुंह या यूरिनरी ट्रैक्ट से ब्लीडिंग हो सकती है। इसलिए तेज बुखार होने पर इलाज में देरी न करने और तुरंत डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी गई है।
घर के आसपास जमा पानी न होने दें
डेंगू से बचाव के लिए डॉक्टरों ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। फूलों के गमले, फ्रिज के पीछे या किसी अन्य जगह पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा साफ पानी रखने वाले सभी कंटेनरों को ढककर रखने को कहा गया है, ताकि मच्छरों को पनपने का मौका न मिले। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि अगर डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ती है तो बेड की क्षमता और मेडिकल संसाधनों को बढ़ाया जा सकता है। मानसून के दौरान अस्पताल पूरी तरह अलर्ट है और डेंगू के मामलों में संभावित बढ़ोतरी से निपटने के लिए तैयार है।