बीजू जनता दल (BJD) से इस्तीफा देने के एक दिन बाद राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर ओडिशा भाजपा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल भी मौजूद रहे।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने देबाशीष सामंतराय के राजनीतिक अनुभव और ओडिशा के विकास एवं संस्कृति में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सामंतराय तीन बार विधायक रह चुके हैं और ओडिशा की राजनीति में जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता हैं। बलूनी ने बताया कि देबाशीष सामंतराय 2000 से 2004 तक तिर्तोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे, जबकि 2009 से 2019 तक वे बाराबती-कटक सीट से दो बार विधायक चुने गए। इसके अलावा वे ओडिशा पर्यटन विकास निगम (OTDC) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और लोक कला, संस्कृति तथा गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में योगदान दे चुके हैं।
वहीं दूसरी ओर, बीजेडी ने सामंतराय पर पार्टी की अपेक्षाओं से ज्यादा अपने “व्यावसायिक हितों” को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि बीजेडी ने उन्हें पांचवीं बार टिकट देकर राज्यसभा भेजा और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत हितों के लिए पार्टी छोड़ दी। बीजेडी ने बयान जारी कर कहा कि नवीन पटनायक ने उन्हें OTDC का अध्यक्ष बनाया और संगठन में कई अहम पद दिए, लेकिन अब वे भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं। पार्टी ने उनके फैसले पर नाराजगी जताई।
देबाशीष सामंतराय ने सोमवार को बीजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नवीन पटनायक को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के हित में काम किया, लेकिन हाल के दिनों में उन्हें पार्टी में लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था और उन्हें महसूस हुआ कि अब पार्टी को उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण उन्होंने सार्वजनिक हित में यह कठिन निर्णय लिया।