उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के नौनिहालों की शुरुआती शिक्षा को और रोचक और गतिविधि आधारित बनाने के लिए पीएम श्री विद्यालयों की बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराने जा रही है। इसके लिए 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं के लिए 61.75 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।
प्रत्येक विद्यालय में अधिकतम 5,000 रुपये की लागत से एक ब्लूटूथ स्पीकर खरीदा जाएगा। इसका इस्तेमाल 3 से 6 वर्ष के बच्चों के साथ कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों में किया जाएगा। इसके जरिए बच्चों की सुनने, बोलने, मौखिक अभिव्यक्ति और सीखने की क्षमता को गतिविधियों के माध्यम से विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
कहानी, गीत और पहेली से मजबूत होगी सीखने की बुनियाद
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी के तहत बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ गतिविधियों के जरिए सीखने से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
पीएम श्री विद्यालयों में संचालित बालवाटिकाओं और को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों में ब्लूटूथ स्पीकर के जरिए कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। इन गतिविधियों से बच्चों में सुनने, बोलने और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की क्षमता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
1,235 विद्यालयों को मिलेगी सुविधा
प्रदेश के 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में एक-एक ब्लूटूथ स्पीकर की खरीद के लिए प्रति विद्यालय अधिकतम 5,000 रुपये की धनराशि अनुमन्य की गई है। इसके लिए कुल 61.75 लाख रुपये एसएनए स्पर्श के तहत जारी किए गए हैं।
स्पीकर में होंगे जरूरी तकनीकी फीचर
स्पीकर की खरीद के लिए तकनीकी मानक भी निर्धारित किए गए हैं। इसमें 30 वाट या उससे अधिक पावर, ब्लूटूथ 5.3 या उससे अधिक, कम से कम 10 मीटर कनेक्टिविटी रेंज और डुअल 5.2 या उससे अधिक ड्राइवर होना जरूरी होगा।
इसके अलावा रिचार्जेबल बैटरी, कम से कम तीन घंटे का बैटरी बैकअप और 2,000 mAh या अधिक क्षमता निर्धारित की गई है। स्पीकर में टाइप-C चार्जिंग पोर्ट, चार घंटे या उससे कम में चार्जिंग, वायरलेस या वायर्ड माइक्रोफोन इनपुट, वॉल्यूम और प्लेबैक कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी होंगी।
हर शनिवार होगी गतिविधियां
शासन के निर्देश के अनुसार ब्लूटूथ स्पीकर का इस्तेमाल प्रत्येक शनिवार को 3 से 6 वर्ष के बच्चों के साथ किया जाएगा। मॉडल शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकत्री और ईसीसीई एजुकेटर बच्चों को कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों से जोड़ेंगे।
खरीद से उपयोग तक होगी निगरानी
स्पीकर की खरीद से लेकर उसके प्रभावी उपयोग तक निगरानी की व्यवस्था की गई है। प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से इसकी निगरानी की जाएगी। सामग्री की गुणवत्ता, उपलब्धता और निर्धारित गतिविधियों में उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बच्चों की शुरुआती सीखने की प्रक्रिया जितनी सहज, रोचक और गतिविधि आधारित होगी, उनकी सीखने की नींव उतनी ही मजबूत होगी। वहीं महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि ब्लूटूथ स्पीकर के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों का नियमित संचालन बच्चों के लिए सीखने को अधिक संवादात्मक और आनंददायक बनाएगा।