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योगी सरकार की पहल से 74 अभ्यर्थियों का UPPSC में चयन, अब दूसरे युवाओं को देंगे सफलता का मंत्र

उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए योगी सरकार की पहल आगे बढ़ रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित कोचिंग संस्थानों से इस वर्ष UPPSC में 74 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसी उपलब्धि के बीच रविवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट आयोजित की गई।

कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों से अपने अनुभव और ज्ञान को दूसरे विद्यार्थियों के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले युवाओं को अब आगे आने वाले अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें।

सफल अभ्यर्थियों से समाज को लौटाने की अपील

मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भागीदारी भवन से सफलता हासिल करना कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। लेकिन वास्तविक सफलता तभी सार्थक होती है, जब उससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से 'गिव बैक टू सोसाइटी' की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफल अभ्यर्थी वर्तमान विद्यार्थियों को नियमित मार्गदर्शन दें और अपनी तैयारी के अनुभव साझा करें। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सही दिशा मिलेगी और उनकी सफलता की संभावनाएं बढ़ेंगी।

मेंटरशिप और डिजिटल शिक्षा से मिलेगी मदद

एल्यूमिनाई मीट में सफल अभ्यर्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मेंटरशिप सत्र आयोजित करने, मॉक इंटरव्यू कराने और परीक्षा की तैयारी से जुड़ी उपयोगी जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही अध्ययन सामग्री, परीक्षा रणनीति और साक्षात्कार की तैयारी से जुड़े अनुभव भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने की योजना पर चर्चा हुई।

इस पहल के तहत एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिसमें सफल अभ्यर्थियों से मार्गदर्शन पाने वाले विद्यार्थी भविष्य में दूसरे अभ्यर्थियों की मदद कर सकें। इससे युवाओं के बीच सहयोग और मार्गदर्शन का नेटवर्क मजबूत होगा।

जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए बनेगा नेटवर्क

कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को लगातार मेंटरशिप देने और उनके साथ अध्ययन सामग्री, परीक्षा रणनीति तथा इंटरव्यू के अनुभव साझा करने के लिए स्थायी नेटवर्क तैयार करने का संकल्प लिया।

मंत्री असीम अरुण ने प्रशासनिक सेवाओं में चयनित अधिकारियों से वंचित, ग्रामीण और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करना चाहिए।

कई अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद

भागीदारी भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, एडिशनल एसपी संजय सागर, उप निदेशक आनंद कुमार सिंह, जॉइंट कमिश्नर (राज्य कर) सुरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव और शैलेश राम सहित कई अधिकारी, शिक्षक और अभ्यर्थी उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग की इस पहल का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल युवाओं के अनुभव का लाभ दूसरे विद्यार्थियों तक पहुंचाना और उन्हें बेहतर तैयारी के अवसर उपलब्ध कराना है।