Breaking News

'सीटों से ज्यादा गठबंधन जरूरी', सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान     |   उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की स्क्रीनिंग परीक्षा जारी     |   इंडोनेशिया में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, 5.2 रही तीव्रता; 10 किमी गहराई में था केंद्र     |   आज से शुरू होगा विश्व अंतरिक्ष सप्ताह, 10 अक्टूबर तक होंगे स्पेस से जुड़े कार्यक्रम     |   मुंबई में उद्धव-राज ठाकरे के संयुक्त मार्च में कांग्रेस और NCP (SP) भी शामिल होगी     |  

मेरठ STF ने पकड़ा ग्रामीण डाक सेवक भर्ती रैकेट, अभ्यर्थियों से लेते थे 4 लाख...13 आरोपित गिरफ्तार

मेरठ STF ने फर्जी सर्टिफिकेट से डाक विभाग में नौकरी लगवाने वाली गैंग का खुलासा किया। गैंग के 5 सदस्यों और 6 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। सभी 13 आरोपियों को अलीगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया है। अलीगढ़ डाक अधीक्षक की मिलीभगत सामने आई है।

जहां आरोपी हर अभ्यर्थी भर्ती 4 लाख रुपए लेते थे। एक लाख रुपए डाक अधीक्षक को डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन के लिए देते थे। कुछ जगह सेटिंग नहीं बैठने पर इनके खिलाफ FIR दर्ज करवा दी गई। आरोपी डाक अधीक्षक अलीगढ़ संजय कुमार सिंह से सेटिंग करके ग्रामीण डाक सेवक ( GDS ) की भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी लगवा रहे थे।

आपको बता दे STF के SP बृजेश कुमार सिंह ने बताया- पूरे देश में 44 हजार 228 पदों पर और यूपी में 5 हजार पदों पर डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती प्रक्रिया चल रही है। 15 जुलाई, 2024 को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। 23 अगस्त, 2024 को मेरिट लिस्ट जारी हुई। 30 अगस्त से यूपी के अलग-अलग जिलों में डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन हो रहा है। आरोपियों ने अब तक अलग-अलग जिलों में 20 अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट वैरिफेकशन करवाए हैं।

जिसमें डाक अधीक्षक और उसका ड्राइवर भी शामिल बृजेश कुमार सिंह ने बताया- गैंग को अमरोहा का साजिद और हापुड़ का साकिब ऑपरेट कर रहा था। साजिद अली फर्जी तरीके से कागजात तैयार करता था। वह उन्हें ऑनलाइन डेटा में चढ़वाता था। साकिब कैंडिडेट लेकर आता था। पूरे घोटाले में मैनपुरी डाक अधीक्षक का ड्राइवर विकल यादव विभाग में सेटिंग कराता था।साजिद 2023 में डाक अधीक्षक रहे देवेंद्र कुमार वर्तमान में CPM झांसी के पास आता-जाता था। उसी दौरान विकल से उसकी मुलाकात हुई थी। वर्तमान में विकल अलीगढ़ में नियुक्त डाक अधीक्षक संजय कुमार सिंह की गाड़ी चलाता है।

आरोपियों को किया अलीगढ़ पुलिस के हवाले 
1 लाख रुपए प्रति कैंडिडेट पर मान गया डाक अधीक्षक साजिद ने विकल को बताया कि ग्रामीण डाक सेवक की भर्ती का डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन की डेट आने वाली है। विकल ने साजिद से डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन के लिए 1 लाख प्रति कैंडिडेट में बात तय की। विकल ने ये बात डाक अधीक्षक संजय कुमार सिंह को बताई तो वह डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन करने के लिए तैयार हो गए। इनमें से इन्होंने कुछ कैंडिडेट का प्रथम स्तर का वैरिफिकेशन करा दिया था। अब दूसरे स्तर के वैरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। चार लाख रुपए प्रति कैंडिडेट तय हुए थे SP बृजेश कुमार सिंह ने बताया- गैंग के मेंबर हर अभ्यर्थी से चार लाख रुपए लेते थे। आरोपियों से अभी पूछताछ की जा रही है। कौन-कौन लोग गैंग में शामिल हैं? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

जहां पर कई राज्यों के फर्जी प्रमाण पत्र बरामद आरोपियों के पास से कई राज्यों के फर्जी प्रमाण पत्र बरामद हुए हैं। इनमें 18 फर्जी मार्कशीट (बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण और परीक्षा बोर्ड पटना) की है। एक फर्जी मार्कशीट द वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ रविंद्र ओपन स्कूलिंग की है। इसके अलावा अभियुक्त साजिद के मोबाइल में सुभारती यूनिवर्सिटी मेरठ, राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना और द वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ रविंद्र ओपन स्कूलिंग की मार्कशीट की सॉफ़्ट कॉपी भी बरामद हुई हैं। इनका इस्तेमाल प्रिंट करके फर्जी तरीके से भर्ती परीक्षा के लिए किया जाता था।