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वेणुगोपाल की चुनावी जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

कोच्चि, 24 जून (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने 2024 के आम चुनाव में अलप्पुझा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली माकपा नेता एएम आरिफ की चुनाव याचिका खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति जी गिरिश ने याचिका को शुरुआती चरण में ही यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसमें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कानूनी रूप से मान्य कोई ठोस आधार नहीं बताया गया है।

वेणुगोपाल ने अलप्पुझा संसदीय सीट पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उम्मीदवार आरिफ को हराकर जीत हासिल की थी।

आरिफ ने वेणुगोपाल के निर्वाचन को रद्द करने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी अनुरोध किया था कि उन्हें क्षेत्र से निर्वाचित उम्मीदवार घोषित किया जाए।

याचिका में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(3), 123(3ए) और 123(4) के तहत भ्रष्ट आचरण के आरोप लगाए गए थे।

अदालत ने पाया कि याचिका ठोस आधार नहीं होने के कारण निरर्थक हो जाती है।

उसने कहा कि आरिफ ने जिन कथित आपत्तिजनक कृत्यों का जिक्र किया है, वे वेणुगोपाल के नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले कथित तौर पर किए गए थे।

स्थापित कानून और उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए, अदालत ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत भ्रष्ट आचरण उन कृत्यों से संबंधित होना चाहिए, जो उम्मीदवार या उनके एजेंट द्वारा नामांकन दाखिल करने के बाद किए गए हों।

आदेश में कहा गया है, ‘‘इस चुनाव याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोप उन कथित कृत्यों से संबंधित हैं, जो प्रथम प्रतिवादी के एजेंट और सहयोगियों द्वारा 28.03.2024 को चुनाव अधिसूचना जारी होने से पहले ही किए गए बताए गए हैं।’’

अदालत ने कहा कि यदि इन आरोपों को सही भी मान लिया जाए, तो भी ये कानून के तहत निर्वाचन को रद्द करने के लिए वैध आधार नहीं बनते।

उसने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि याचिका में बाद में संशोधन करके उसमें मौजूद कमियों को दूर किया जा सकता है।

भाषा

देवेंद्र पारुल

पारुल

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