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ओडिशा पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले के पीड़ित को 1.10 करोड़ रुपये वापस दिलाया

भुवनेश्वर, 24 जून (भाषा) ओडिशा पुलिस की साइबर अपराध इकाई ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के एक मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर को 1.10 करोड़ रुपये वापस दिलाने में मदद की। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

भुवनेश्वर के रहने वाले पीड़ित ने 15 मई को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि फरवरी में 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी के कारण उन्हें 2.45 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

इसके बाद, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की संबंधित धाराओं के तहत सीआईडी की अपराध शाखा के साइबर अपराध पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।

अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद, साइबर अपराध टीम ने रुपये के हस्तांतरण का विश्लेषण किया और धोखाधड़ी से जुड़े कई लाभार्थी बैंक खातों की पहचान की।

जांच के दौरान, टीम ने 1.10 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि वाले एक निजी बैंक खाते का पता लगाया और इस रकम की निकासी पर रोक लगा दी।

ओडिशा पुलिस के अनुसार, 2025 के दौरान राज्य में एनसीआरपी पर साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कुल 49,426 शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें लगभग 432.28 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का दावा किया गया था। इसमें से 5.31 करोड़ रुपये शिकायतकर्ताओं को वापस दिलाया गया।

अधिकारी ने बताया कि इस साल 30 अप्रैल तक, लगभग 134.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी 16,335 शिकायतें दर्ज कराई गईं। हालांकि, 2.97 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिला दिये गए।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश