भुवनेश्वर, 18 जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2012 से बिना किसी आधिकारिक अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले एक सरकारी चिकित्सक को बर्खास्त करने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से अनुपस्थित 128 अन्य चिकित्सकों और दंत चिकित्सकों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विभाग की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले चिकित्सा अधिकारियों के मामलों की समीक्षा के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
बर्खास्त किए गए चिकित्सक की पहचान बिचक्षण पाणिग्रही के रूप में हुई है, जो कंधमाल पुलिस अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी पद पर तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि वह एक दशक से अधिक समय से अनधिकृत छुट्टी पर थे।
एक अधिकारी ने कहा, 'ड्यूटी पर लौटने और अपनी लंबी अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण देने के लिए कई बार निर्देशित किए जाने के बावजूद पाणिग्रही ने निर्देशों का पालन नहीं किया। लगातार अनुपस्थिति और मरीजों की देखभाल में रुचि न होने के कारण उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।'
स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री माझी ने विभाग को उन 128 चिकित्सा अधिकारियों और दंत चिकित्सकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया, जो कथित तौर पर पांच साल या उससे अधिक समय से अपनी ड्यूटी से गायब हैं।
भाषा सुमित अविनाश
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