नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) चालू वित्त वर्ष में एक अप्रैल से 17 जून के दौरान शुद्ध आयकर संग्रह 14.64 प्रतिशत बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। बृहस्पतिवार को सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध कंपनी कर संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि शुद्ध गैर-कंपनी कर संग्रह आठ प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.94 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
आंकड़ों के अनुसार, प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह 45 प्रतिशत बढ़कर 18,856 करोड़ रुपये रहा।
अग्रिम कर संग्रह 15.30 प्रतिशत बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। कंपनियों से प्राप्त अग्रिम कर 16 प्रतिशत बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया जबकि गैर-कंपनी अग्रिम कर 13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 37,620 करोड़ रुपये रहा।
आंकड़ों के मुताबिक, 17 मई तक 89,026 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
सकल आधार पर प्रत्यक्ष कर संग्रह 12.46 प्रतिशत बढ़कर 6.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसमें 2.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कंपनी कर और लगभग 3.15 लाख करोड़ रुपये का गैर-कंपनी कर संग्रह शामिल है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में एकत्रित 23.40 लाख करोड़ रुपये राजस्व से लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।
इन आंकड़ों पर डेलॉयट इंडिया में साझेदार रोहिंटन सिधवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि कर संग्रह पिछले वर्षों की दर कटौती के कारण आई गिरावट से उबर चुका है और एक बार फिर वृद्धि की राह पर लौट आया है।
उन्होंने कहा, 'आंकड़े कंपनियों के मजबूत अग्रिम कर वृद्धि को भी दर्शाते हैं, जो कॉरपोरेट क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन को दर्शाता है। हालांकि ये शुरुआती संकेत हैं, लेकिन अगर यह रुख बरकरार रहता है, तो इससे सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।'
भाषा योगेश प्रेम
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