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पोप ने स्पेन की संसद में दिये गए अपने भाषण में प्रवासियों के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर जोर दिया

मैड्रिड, आठ जून (एपी) पोप लियो ने स्पेन की संसद को संबोधित करते हुए प्रवासियों के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति नए सिरे से सम्मान का आह्वान किया।

अमेरिकी पोप ने स्पेन की संसद में दिए गए अपने पहले संबोधन में कहा कि प्रवासी, अजन्मे बच्चे और सबसे कमजोर वर्ग सहित सभी लोगों की अंतर्निहित गरिमा के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए विधायिकाओं और सार्वजनिक जीवन में ‘नैतिक नयापन लाना’ आवश्यक है।

लियो ने कहा, “किसी राष्ट्र की नैतिक महानता सबसे बढ़कर उन लोगों के जीवन का साथ देने, उनकी रक्षा करने और उनसे प्रेम करने की उसकी क्षमता में प्रकट होती है, जो सबसे कमजोर हैं।”

पोप के विदेशी संसदों में भाषण न के बराबर होते हैं, क्योंकि क्योंकि ये विधि निर्माताओं द्वारा किसी धार्मिक नेता को मान्यता दिए जाने का संकेत दे सकते हैं।

पोप फ्रांसिस ने 2015 में अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था और पोप बेनेडिक्ट ने 2011 में अपने गृह देश जर्मनी की संसद को संबोधित किया था।

एपी जितेंद्र दिलीप

दिलीप