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जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नल के पानी की उपलब्धता लगभग 82 प्रतिशत तक पहुंची : सरकार

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) देश में ग्रामीण क्षेत्रों में नल के पानी की उपलब्धता अगस्त 2019 में 3.23 करोड़ घरों से बढ़कर मई 2026 तक 15.84 करोड़ घरों तक पहुंच गई, जो देश के कुल 19.35 करोड़ ग्रामीण घरों के 81.87 प्रतिशत हिस्से को कवर करता है। सोमवार को जारी एक सरकारी दस्तावेज से यह जानकारी प्राप्त हुई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर जारी किए गए दस्तावेज में कहा गया है कि यह वृद्धि जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत हासिल की गई है, जिसे 2019 में प्रत्येक ग्रामीण घर को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया था।

दस्तावेज़ के अनुसार, मिशन के लिए बजटीय आवंटन 2020-21 और 2026-27 के बीच 488 प्रतिशत बढ़कर 67,670 करोड़ रुपये हो गया है।

सरकार ने कहा कि हर घर जल अभियान के तहत 2.77 लाख गांवों में 100 प्रतिशत नल के जरिये पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

आकांक्षी जिलों में नल के जरिये पानी की उपलब्धता अगस्त 2019 में 23.62 लाख से बढ़कर मई 2026 तक 2.20 करोड़ हो गई, जबकि इसी समय तक आकांक्षी प्रखंडों में 1.11 करोड़ घरों में नल के पानी के कनेक्शन थे।

नल के पानी की सुविधा वाले विद्यालयों की संख्या अगस्त 2019 में 29,711 से बढ़कर मई 2026 तक 9.23 लाख हो गई, जबकि आंगनवाड़ी केंद्रों की कवरेज इस अवधि के दौरान 15,464 से बढ़कर 9.66 लाख हो गई।

दस्तावेज़ के अनुसार, स्वच्छ पेयजल तक बेहतर पहुंच ने जलजनित बीमारियों को कम किया है, स्वच्छता को मजबूत किया है और बेहतर शैक्षिक परिणामों का समर्थन किया है, विशेष रूप से बच्चों और किशोरियों के लिए।

भाषा तान्या दिलीप

दिलीप