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बंगाल में 2019 के सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की घटनाओं की होगी जांच

कोलकाता, छह जून (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने का फैसला किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस को 2019 के सीएए-विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान से संबंधित सभी शिकायतों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।

सीएए दिसंबर 2019 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आ चुके हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता देना करना है।

सीएए के लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि 2019 के सीएए-विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित हर शिकायत की जांच की जाए। इसके लिए एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ इलाकों में कथित तौर पर हिंसा हुई थी और तोड़फोड़, आगजनी व रेलवे की संपत्ति पर हमलों की घटनाएं सामने आई थीं।

अधिकारी ने बताया कि रेलवे से भी इस जांच में सहयोग लिए जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “सरकार उन व्यक्तियों से क्षतिपूर्ति (मुआवजा) वसूलने पर भी विचार कर रही है जिन्हें जांच के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का जिम्मेदार पाया जाएगा।”

भाषा जोहेब संतोष

संतोष