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तेजपुर लीची महोत्सव से असम के जीआई-टैग वाले फल के लिए निर्यात की नई संभावनाएं खुलीं

तेजपुर, छह जून (भाषा) असम में दो-दिवसीय तेजपुर लीची महोत्सव-2026 शनिवार को शुरू हुआ, जिसमें इस इलाके के मशहूर भौगोलिक संकेतक (जीआई-टैग) वाले फल और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी बढ़ती पहुंच को दिखाया गया।

इस कार्यक्रम में किसान, निर्यातक, वैज्ञानिक, उद्यमी और नीति निर्माता लोग एक साथ आए, ताकि इस फल के लिए नए मौके तलाशे जा सकें, जो इस शहर की खेती-बाड़ी की पहचान बन गया है।

सोनीतपुर जिले के कमिश्नर आनंद कुमार दास द्वारा निर्यात की नई पहलों की घोषणा उद्घाटन वाले दिन की एक खास बात थी।

उन्होंने बताया कि एक टन ‘तेजपुर लीची’ दुबई निर्यात की जाएगी, जबकि सिंगापुर भेजने के लिए 500 किलोग्राम लीची की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।

दास ने कहा कि एक सांकेतिक कदम के तौर पर, विशेष प्रकार से पैक किए गए प्रीमियम तेजपुर लीची के 100 बॉक्स प्रधानमंत्री कार्यालय भेजे जाएंगे।

यह महोत्सव कई जगहों पर आयोजित किया जा रहा है, जिनमें डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी ऑडिटोरियम, उससे जुड़ा लाइब्रेरी कैंपस और आनंद चंद्र अग्रवाल पार्क शामिल हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत मशहूर असमिया साहित्यकार पद्मनाथ गोहेन बरुआ को श्रद्धांजलि देकर हुई, जिन्होंने इस इलाके में बेहतर लीची की खेती की शुरुआत की थी।

उद्घाटन सत्र में चुने हुए प्रतिनिधियों, खेती-बाड़ी के जानकारों, निर्यातक और किसानों समेत कई तरह के लोगों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान तेजपुर लीची के सफर- उसकी ऐतिहासिक जड़ों से लेकर भविष्य में मार्केट की संभावनाओं तक- को बताने वाला एक यादगार पब्लिकेशन जारी किया गया।

डाक विभाग ने भी इस मौके पर इस फल को समर्पित एक खास पोस्टल कवर जारी किया।

इस महोत्सव में लीची चिप्स जैसे नए उत्पादों के जरिये तेजपुर लीची की बढ़ती व्यावसायिक संभावनाओं को भी दिखाया गया।

संबंधित लोगों का कहना है कि इन पहलों से उद्यमियों के नए रास्ते खुलेंगे, किसानों की आमदनी बढ़ेगी और असम के मशहूर जीआई-टैग वाले फल की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।

भाषा राजेश राजेश सुरेश

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