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आयकर विभाग के कर्मचारी संगठनों ने 16 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) आयकर विभाग के दो प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि उनकी ‘लंबित’ मांगों और कामकाज के ‘मुश्किल’ हालात पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे 16 अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।

आयकर कर्मचारी महासंघ और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ की भागीदारी वाली संयुक्त कार्रवाई परिषद (जेसीए) विभाग के लगभग 97 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करती है। ये कर्मचारी सरकार के लिए राजस्व संग्रह का काम करते हैं।

जेसीए ने छह अप्रैल को राजस्व सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि वह अपनी 10-सूत्रीय मांगों पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ‘लगातार उदासीनता’ के कारण यह कदम उठा रहा है। सीबीडीटी आयकर विभाग की नीतियां तय करता है।

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि पदोन्नति में ठहराव, अतार्किक ढंग से होने वाले वार्षिक तबादले, मुश्किल सेवा शर्तें, अत्यधिक कार्यभार, अव्यावहारिक लक्ष्य और कर्मचारियों एवं बुनियादी ढांचे की कमी ने कर्मचारियों को ‘कठिन स्थिति’ में पहुंचा दिया है।

पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो 16 अप्रैल को दोपहर के अवकाश के समय प्रदर्शन से आंदोलन की शुरुआत होगी। इसके बाद काली पट्टी पहनने, सांख्यिकीय रिपोर्ट जमा न करने जैसे कदम उठाए जाएंगे और 13 मई को एक दिन की हड़ताल तक आंदोलन तेज किया जाएगा।

जेसीए ने कहा कि कैडर समीक्षा और पुनर्गठन का काम पिछले 13 वर्षों से लंबित है, जिससे पदोन्नति में ठहराव बढ़ रहा है और विभाग की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय