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आशा भोसले की मृत्यु की खबर प्रसारित करते समय 'भारतीय विषय-वस्तु’ चलाने के लिए चैनल को नोटिस

(एम जुल्करनैन)

लाहौर, 13 अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान की मीडिया नियामक संस्था ने सोमवार को एक प्रमुख समाचार चैनल को ‘‘कारण बताओ नोटिस’’ जारी किया, क्योंकि उसने महान गायिका आशा भोसले के निधन की खबर प्रसारित करते समय 'भारतीय विषय-वस्तु' चलाई।

पाकिस्तान में भारतीय विषय-वस्तु पर प्रतिबंध 2018 से लागू है।

पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीईएमआरए) ने जियोन्यूज को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह स्पष्टीकरण मांगा है कि उसने भोसले की मौत की खबर के साथ भारतीय सामग्री क्यों प्रसारित की।

यह प्रमुख समाचार चैनल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान का करीबी माना जाता है।

भोसले का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।

जियोन्यूज़ के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रतिष्ठित कलाकारों के बारे में रिपोर्टिंग करते समय उनके कार्यों को याद करना और उनकी सराहना करना हमेशा से एक परंपरा रही है। वास्तव में, आशा भोसले जैसी कलाकार के लिए, हमें उनके कालजयी और यादगार गीतों को और भी अधिक साझा करना चाहिए था। फिर भी, पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक, पीईएमआरए ने इसे प्रतिबंधित करने का विकल्प चुना है।'

अब्बास ने कहा कि कला, ज्ञान की तरह, मानवता की साझी विरासत है और इसे सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए।

आशा भोसले स्वयं पाकिस्तान की दिग्गज गायिका नूरजहां की प्रशंसक थीं, जिन्हें वह स्नेहपूर्वक अपनी 'बड़ी बहन' कहती थीं। उन्होंने नुसरत फतेह अली खान के साथ मिलकर नासिर काज़मी जैसे महान उर्दू कवियों की कविताओं को जीवंत किया।

पीईएमआरए ने कहा कि भोसले की मौत की खबर प्रसारित करते समय जियोन्यूज द्वारा भारतीय गाने और भारतीय फिल्मों के दृश्य प्रसारित करना, पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का जानबूझकर उल्लंघन है जिसमें भारतीय सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया गया है।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश