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मतदाता सूची से नाम हटाने से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए विशेष न्यायाधिकरण ने कामकाज शुरू किया

कोलकाता, 13 अप्रैल (भाषा) मतदाता सूची से नाम हटाने से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद जोका श्यामा प्रसाद संस्थान में स्थापित विशेष न्यायिक न्यायाधिकरण ने सोमवार से कार्य आरंभ दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया था, उनमें से बड़ी संख्या में कई लोग सुबह से ही आवेदन दाखिल करने और निवारण की मांग को लेकर न्यायाधिकरण पहुंचे।

इसके लिए नियुक्त 19 न्यायाधीशों में से 16 ने पहले दिन काम शुरू किया, प्राप्त आवेदनों की जांच की और शिकायतों की वैधता का आकलन करने के लिए दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की।

न्यायाधिकरण के एक अधिकारी ने कहा, 'हम दावों की सत्यता की पुष्टि करने के लिए प्रारंभिक चरण में प्रत्येक आवेदन की सावधानीपूर्वक जांच कर रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विसंगतियां या अधूरी जानकारी पाई जाती है, उनपर आगे सुनवाई की जाएगी।

प्रक्रिया के अनुसार, यदि आवेदकों के बयानों में कोई भ्रम या असंगति पाई जाती है, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाया जा सकता है और जहां आवश्यक होगा, सुनवाई के माध्यम से मामलों का निपटारा किया जाएगा।

कई आवेदकों ने उम्मीद जताई कि न्यायाधिकरण मतदाता सूची में उनके नाम बहाल करने में मदद करेगा।

परिसर के बाहर इंतजार कर रहे एक याचिकाकर्ता ने कहा, 'मैं यहां यह सुनिश्चित करने आया हूं कि मेरा नाम मतदाता सूची में वापस शामिल किया जाए, ताकि मैं अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकूं।'

अधिकारियों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निपटान सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है।

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश