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आशा भोसले का युग हुआ अमर, उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा: अनुराधा पौडवाल

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) गायिका अनुराधा पौडवाल ने दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें एक ऐसी संस्था बताया जिनकी विरासत उनके संगीत के माध्यम से हमेशा जीवित रहेगी।

पौडवाल ने कहा कि भोसले का योगदान संगीत से कहीं अधिक था और उन्होंने बढ़ती उम्र के बावजूद अपनी लोच और समर्पण को बनाये रखा।

गायिका ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “दुनिया भर में उनके लाखों-करोड़ों प्रशंसकों के लिए यह बहुत दुखद दिन है। वह न केवल संगीत जगत में एक संस्था थीं, बल्कि उन्होंने अपने जीवन में तमाम मुश्किलों का बहादुरी से सामना किया और इस उम्र में भी गाना जारी रखा।”

दोनों गायिकाओं ने एक-दूसरे के साथ सीधे युगल गीत बहुत कम गाए हैं, लेकिन उन्होंने संगीत परियोजनाओं, विशेष रूप से मराठी संगीत में, सहयोग किया है। उनके कुछ सहयोगात्मक गीतों में “आला आला वारा” और “एक मागाने बा” शामिल हैं।

अपने निजी संबंधों को याद करते हुए पौडवाल ने बताया कि उनके पति का भोसले के साथ घनिष्ठ संबंध था और वे अक्सर उनके कार्यक्रम के दौरान अकॉर्डियन बजाते थे।

उन्होंने कहा, “वह परिवार की तरह थीं। मेरे ससुराल उनका बहुत सम्मान और प्रेम करते हैं।”

पौडवाल ने इस बात पर जोर दिया कि भोसले जैसे कलाकार कभी लुप्त नहीं होते। उन्होंने कहा, 'एक युग का अंत कहना सही नहीं होगा। मैं कहूंगी कि वह युग अमर हो गया है। उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा।'

भाषा तान्या माधव

माधव