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महाराष्ट्र सरकार ने चिकित्सा परिषद की सदस्यता के लिए चुनाव रद्द करने का प्रस्ताव रखा

मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को राज्य चिकित्सा परिषद को नियंत्रित करने वाले अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव रखा, जिसके तहत सदस्यों की नियुक्ति चुनाव के बजाय नामांकन प्रक्रिया के माध्यम से की जा सकेगी।

महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद राज्य में चिकित्सकों के पंजीकरण और विनियमन के लिए जिम्मेदार एक वैधानिक निकाय है। यह परिषद चिकित्सा पेशे में नैतिक मानकों और चिकित्सा शिक्षा से संबंधित मामलों की देखरेख करती है।

चिकित्सकों को परिषद में पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जिसकी स्थापना महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1965 के तहत की गई थी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अध्यक्षता में गठित एक उच्च स्तरीय समिति ने अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव दिया है।

विशेषज्ञों की समिति ने अन्य राज्यों में चिकित्सा परिषदों की संरचना के साथ-साथ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 का अध्ययन किया और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित संशोधनों के तहत परिषद के सदस्यों की नियुक्ति चुनाव के बजाय नामांकन के माध्यम से की जाएगी।

परिषद में चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों और सदस्यों का संतुलित प्रतिनिधित्व होगा और सदस्यता के लिए चयन प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता-आधारित होगी।

इसके अतिरिक्त, सदस्यों की संख्या 18 से बढ़ाकर 23 की जाएगी।

परिषद का कहना है कि इन बदलावों से उसका कामकाज अधिक कुशल, जवाबदेह और गतिशील होने की उम्मीद है।

भाषा

राखी माधव

माधव