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कर्नाटक के कांग्रेस विधायकों के दिल्ली दौरे के बीच शिवकुमार ने अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया

बेंगलुरु, 13 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की पैरवी के लिए नयी दिल्ली की यात्रा करने वाले कांग्रेस विधायकों से पार्टी अनुशासन बनाए रखने का सोमवार को आग्रह किया। उन्होंने इन विधायकों को ऐसे सार्वजनिक बयान देने से बचने के प्रति आगाह भी किया, जिनसे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

बेंगलुरु में संवाददाताओं से मुखातिब शिवकुमार ने कहा कि पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए विधायकों के दिल्ली का दौरा करने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मांगें रखने का उनका (विधायकों) समय एवं तरीका महत्वपूर्ण है।

शिवकुमार कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष भी हैं।

उन्होंने कहा, “हां, वे सभी गए हैं। मुख्यमंत्री ने कुछ कहा है, लेकिन उन सभी को अनुशासन बनाए रखना चाहिए। सभी को पार्टी अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्हें पार्टी का सम्मान करना चाहिए। उन्हें मीडिया के सामने बैठकर पार्टी की छवि खराब नहीं करनी चाहिए।”

शिवकुमार ने कहा कि सभी का भविष्य पार्टी में है, मीडिया में नहीं।

उन्होंने कहा, “मीडिया में आप जो चाहें वो अपने तरीके से कह सकते हैं। इसलिए मैं अपने सभी विधायकों से अपील करता हूं कि पार्टी आलाकमान से मिलना गलत नहीं है, लेकिन अगर गैर-जरूरी बयान दिए गए, तो हमें कार्रवाई करनी पड़ेगी।”

यह पूछे जाने पर कि क्या विधायकों ने दिल्ली जाने से पहले उनसे राय-मशविरा किया था, शिवकुमार ने कहा कि कुछ विधायकों ने उनसे संपर्क किया था, जिनसे कहा गया था कि मंत्री पद की आकांक्षा रखने में कुछ भी गलत नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “उनमें से कुछ (विधायक) मेरे पास आए और मुझसे बात की, उन्होंने मुझसे सवाल पूछे। मैंने उनसे कहा कि वहां जाने और मंत्री पद के लिए दावेदारी जताने में कोई बुराई नहीं है; ऐसा नहीं है कि आपको मंत्री नहीं बनना चाहिए, न ही यह कि पहली बार चुनाव लड़ने वालों को मंत्री नहीं बनना चाहिए। पहली बार चुनाव लड़ने वाले भी मंत्री बन सकते हैं, दूसरी बार चुनाव लड़ने वाले भी मंत्री बन सकते हैं-ऐसा पहले भी हो चुका है।”

हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा समय ऐसी मांगों के लिए उपयुक्त नहीं है।

शिवकुमार ने कहा, “हमने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन यह उपयुक्त समय नहीं है।”

उन्होंने संकेत दिया कि वह इस मामले में कोई भी कदम उठाने से पहले औपचारिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

शिवकुमार ने कहा, “मैंने आधिकारिक तौर पर विभिन्न मुद्दों पर एक रिपोर्ट मांगी है। मुझे रिपोर्ट मिल जाने दीजिए, उसके बाद मैं कार्रवाई करूंगा।”

उपमुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां कांग्रेस के कई विधायकों के मंत्रिमंडल में फेरबदल और मंत्री पद की मांग को लेकर नयी दिल्ली का दौरा करने के एक दिन बाद आई हैं।

राज्य विधानसभा के लिए पहली बार चुने गए कई नेताओं ने भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व की अपनी मांग तेज कर दी है।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को कहा था कि मंत्री पद के इच्छुक विधायकों का दिल्ली जाना गलत नहीं है। उन्होंने कहा था कि मंत्रिमंडल में फेरबदल का फैसला पार्टी आलाकमान के हाथ में है और पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों और संसद के बजट सत्र के कारण इसमें देरी हो सकती है।

सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर जारी चर्चाओं के बीच यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार अपने कार्यकाल का आधा पड़ाव पार कर चुकी है।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप