चंडीगढ़, 10 अप्रैल (भाषा) विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को मांग की कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों का वेतन तब तक रोक दिया जाए जब तक सरकारी कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं हो जाता।
उन्होंने कहा कि लाखों कर्मचारी लगभग 30 महीनों से अपने बकाये का इंतजार कर रहे हैं और सत्ता में बैठे लोगों का पूरा वेतन और लाभ लेते रहना अन्यायपूर्ण है।
बाजवा ने कहा कि यह नैतिक मुद्दा है कि मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी पूरा वेतन पाते हैं जबकि कर्मचारी और पेंशनभोगी कठिनाइयों का सामना करते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को निशाना बनाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के साथ 'धोखा' हुआ है।
उन्होंने सरकार से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए लंबित महंगाई भत्ता (डीए) की किस्तें जारी करने का आग्रह किया और आदेश को चुनौती न देने की सलाह दी।
बाजवा ने कहा कि लगभग 14,500 करोड़ रुपये का बकाया है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक परेशानी हो रही है।
उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को ठीक से लागू न करने के लिए भी सरकार की आलोचना की।
बाजवा ने सरकार से शीघ्र कार्रवाई करने और कर्मचारियों का विश्वास बहाल करने के लिए बकाया भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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राखी माधव
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