नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को यहां पार्टी की राज्य इकाइयों के अध्यक्षों और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के साथ महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर एक जनसंपर्क अभियान पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की।
यह बैठक संसद के तीन दिवसीय विस्तारित सत्र से पहले हुई है। सत्र के दौरान अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को विचार और पारित करने के लिए लाया जा सकता है।
सरकार ने संसद के बजट सत्र को आगे बढ़ा दिया है और 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम (जिसे महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से भी जाना जाता है) में संशोधन के लिए मसौदा विधेयक को मंजूरी दी थी। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था, लेकिन यह 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होता। इसलिए, यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है, तो इसके 2034 में ही लागू होने की उम्मीद थी।
उपलब्ध व्यापक रूपरेखा के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों के साथ लोकसभा सीट की संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा।
राज्य विधानसभाओं के लिए भी इसी प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जहां सीटों का आरक्षण आनुपातिक आधार पर किया जाएगा।
जहां एक ओर संविधान संशोधन विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव करेगा, वहीं दूसरी ओर एक अन्य विधेयक परिसीमन अधिनियम में संशोधन करेगा।
संसद द्वारा अनुमोदित होने के बाद, प्रस्तावित कानून 31 मार्च, 2029 से लागू हो जाएंगे और इनसे ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और आंध्र प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों में सीटों के आरक्षण में मदद मिलेगी।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप