नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने विदेश में नौकरी और वीजा सेवाएं प्रदान करने के बहाने लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान नंद किशोर प्रसाद, अहमद हयात खान और मुश्ताक खान के रूप में हुई है। पुलिस ने शादाब उर्फ मोहम्मद खुशनूद को मास्टरमाइंड बताया है जो ऑनलाइन मंचों के माध्यम से जानकारी जुटाता था। हालांकि, वह फरार है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में नौकरी और वीजा के लिए पैसे देने के लिए उकसाया गया था। पैसे लेने के बाद, आरोपियों ने उससे संपर्क तोड़ लिया।
पुलिस ने मामला दर्ज किया और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिसकर्मी रानी बाग स्थित एक स्थान पर पहुंचे। छापेमारी के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था और सोशल मीडिया और मैसेजिंग मंचों के जरिए फर्जी विदेशी नौकरी के प्रस्तावों से पीड़ितों को निशाना बनाता था। पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें जाली वीजा दस्तावेज दिखाए जाते थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'आरोपी ने प्रत्येक पीड़ित से 15,000 रुपये से लेकर 90,000 रुपये तक की रकम वसूली और फिर उनसे संपर्क खत्म कर लिया।'
छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह स्मार्टफोन, दो लैपटॉप, चार डेस्कटॉप कंप्यूटर, 14 पासपोर्ट, एक पेन ड्राइव जिसमें फर्जी वीजा के दस्तावेज़ थे, जाली दस्तावेज़, फर्जी स्टाम्प और मुहरें बरामद कीं।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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