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मध्यप्रदेश का पहला ‘गाली-मुक्त’ गांव बना बोरसर, अपशब्दों के इस्तेमाल पर 500 रुपये का जुर्माना

बुरहानपुर, 10 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले का बोरसर गांव अपशब्दों के इस्तेमाल के खिलाफ अपनी अनूठी पहल के कारण इन दिनों चर्चा में है।

ग्राम पंचायत ने बोरसर को ‘गाली-मुक्त’ घोषित करते हुए फैसला किया है कि खासकर मां-बहन की गालियां देने वाले व्यक्ति को या तो 500 रुपये का जुर्माना अदा करना होगा या उसे एक घंटे तक गांव की सफाई करनी होगी।

जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर के फासले पर स्थित गांव में जगह-जगह पोस्टर-बैनर लगे नजर आते हैं जिसमें बोरसर को ‘मध्यप्रदेश का पहला गाली-मुक्त गांव’ बताया गया है।

करीब 6,000 की आबादी वाले गांव के उप-सरपंच विनोद शिंदे ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया,‘‘हमने ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रस्ताव को मंजूरी दी है कि गांव में जो भी व्यक्ति गाली-गलौज करेगा, उसे 500 रुपये का जुर्माना देना होगा या एक घंटे तक गांव की सफाई करनी होगी।’’

गांव के युवा अश्विन पाटिल ने कहा कि वह अक्सर देखते थे कि लोगों में गाली-गलौज के चलते छोटी-छोटी बातें बड़े विवादों में तब्दील हो जाती हैं।

उन्होंने कहा,‘‘अपशब्दों से गांव का माहौल खराब होता है। इसके मद्देनजर जन प्रतिनिधियों और बुजुर्गों ने बैठक करके तय किया कि पूरे गांव को गाली-मुक्त किया जाए।’’

गांव की महिलाएं भी इस पहल की तारीफ कर रही हैं। जयश्री चौधरी ने कहा,‘‘ग्राम पंचायत के फैसले से गाली-गलौज पर रोक लगी है। इस फैसले से पहले बच्चे भी गालियां देते थे।’’

भाषा

सं, हर्ष रवि कांत