नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग ने सड़क किनारे पार्किंग शुल्क से संबंधित एक अपील का निस्ताण करते हुए पुडुचेरी के एक आरटीआई आवेदक के ‘जनहितैषी’ प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनके कार्यों में ‘‘न्याय और निष्पक्षता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता’’ झलकती है।
यह मामला रामनाथन डी द्वारा दायर सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन से संबंधित है, जिसमें पुडुचेरी में वाहन पार्किंग शुल्क के कानूनी आधार और कार्यान्वयन के बारे में जानकारी मांगी गई थी। अपीलकर्ता ने दलील दी कि उन्हें ‘‘प्रासंगिक जानकारी’’ प्रदान नहीं की गई है, विशेष रूप से पार्किंग शुल्क वसूली के मुद्दे पर।
सीआईसी में मामले की सुनवाई के दौरान नगर पालिका अधिकारियों ने कहा कि ‘‘अपीलकर्ता को अभिलेखों को देखने का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन उसने इसका लाभ नहीं उठाया’’, साथ ही यह भी कहा कि प्रतिक्रिया में देरी ‘‘न तो जानबूझकर थी और न ही इरादे से’’ और यह बस स्टैंड के चरणबद्ध स्थानांतरण और विकसित हो रही पार्किंग व्यवस्था से जुड़ी ‘‘प्रशासनिक मजबूरियों’’ के कारण हुई थी।
अधिकारियों ने कहा कि ‘‘रिकॉर्ड में उपलब्ध संपूर्ण जानकारी सभी प्रासंगिक दस्तावेजों को संकलित करने और उन्हें पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजने के बाद अपीलकर्ता को उपलब्ध करा दी गई है’’।
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने मामले की सुनवाई के दौरान लोक सूचना अधिकारी को निर्देश दिया कि वह अपीलकर्ता को उपलब्ध और प्रासंगिक अभिलेखों का निरीक्षण करने का अवसर प्रदान करे और यह सुनिश्चित करे कि आरटीआई नियमों के अनुसार प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं, जिसमें निर्धारित सीमा तक दस्तावेजों की मुफ्त आपूर्ति भी शामिल है।
भाषा धीरज माधव
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