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मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने उज्जैन हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 437 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी

भोपाल, सात अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को उज्जैन हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 590 करोड़ रुपये की लागत से 437 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी।

एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (उड़ान) योजना के तहत राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के बीच उज्जैन में बोइंग और एयरबस 320 विमानों के संचालन के मद्देनजर सरकारी हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए आवश्यक समझौते और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने इस परियोजना के लिए 437.5 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और उसके वास्ते 590 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी।

उज्जैन एक धार्मिक नगरी है और महाकालेश्वर मंदिर की वजह से यह पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। उज्जैन में सांदीपनी आश्रम भी है।

अधिकारी ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ भी आयोजित किया जाता है, जिसमें दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, उज्जैन कृषि और सेवा क्षेत्र के मामले में एक महत्वपूर्ण और विकासशील शहर है, इसलिए हवाई पट्टी का उन्नयन आवश्यक है।

अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा, उज्जैन में हर 12 साल के अंतराल पर आयोजित होने वाले मेले के आयोजन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति ने फैसला किया कि सिंहस्थ 2028 के लिए सभी प्रस्तावित कार्यों को दिवाली 2027 तक पूरा किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रिमंडलीय समिति की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे से संबंधित सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

समिति ने 2,923.84 करोड़ रुपये के 22 कार्यों को मंजूरी दी।

यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे कार्यों का ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ किया जाए, ताकि गुणवत्ता और बेहतर वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन के विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जा रहे भवनों का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि वे सिंहस्थ 2028 के बाद आयोजित होने वाले वार्षिक कार्यक्रमों के लिए भी उपयोगी हों।

उन्होंने कहा कि इसी तरह उज्जैन में महाकाल मंदिर और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों तक आसान पहुंच के लिए सड़कों का निर्माण किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूर-दराज से उज्जैन आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए उज्जैन के 100 किलोमीटर के दायरे में ‘होमस्टे’, पार्किंग और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने क्षिप्रा नदी पर पैदल यात्रियों के लिए एक अलग पुल के निर्माण के भी निर्देश दिए।

भाषा ब्रजेन्द्र

राजकुमार

राजकुमार