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एनएसए डोभाल ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के उपायों पर चर्चा की

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की रात्रिभोज पर मेजबानी की।

रहमान तीन दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को नयी दिल्ली पहुंचे, जिसका उद्देश्य 18 महीने से अधिक समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों में सुधार लाना है।

रहमान बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार के फरवरी में सत्ता संभालने के बाद भारत की यात्रा पर आने वाले देश के पहले वरिष्ठ मंत्री हैं।

घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों के मुताबिक, डोभाल और रहमान ने भारत-बांग्लादेश संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें संबंधों को नयी गति देने पर विशेष जोर रहा।

हालांकि, इस बैठक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

रहमान के प्रतिनिधिमंडल में प्रधानमंत्री के विदेश सलाहकार हुमायूं कबीर भी शामिल थे।

रहमान बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ विस्तृत वार्ता करेंगे। बांग्लादेश के विदेश मंत्री वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

उन्होंने कहा कि रहमान की यह यात्रा भारत-बांग्लादेश साझेदारी को “और मजबूत” करेगी।

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया था।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के 17 फरवरी को ढाका में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद दोनों पक्षों ने संबंधों को स्थिर करने के प्रयास शुरू किए।

तारिक रहमान बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में अपनी पार्टी की शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री बने।

मामले के बारे में जानकारी रखने वालों के अनुसार, विदेश मंत्री और उनके बांग्लादेशी समकक्ष के बीच बुधवार को होने वाली बैठक का मुख्य उद्देश्य संबंधों को सुधारना और सहयोग के नये क्षेत्र तलाशना है।

इस वर्ष समाप्त हो रही गंगा जल संधि का नवीनीकरण, व्यापार को बढ़ावा देने के तरीके और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईंधन की कमी को देखते हुए बांग्लादेश द्वारा भारत से अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति का अनुरोध वार्ता में चर्चा का विषय हो सकता है।

गंगा जल संधि पर दिसंबर 1996 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें दोनों देशों के बीच नदी के जल बंटवारे के लिए एक तंत्र का प्रावधान है।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तीस्ता नदी के जल बंटवारे से संबंधित गंभीर मुद्दा दोनों विदेश मंत्रियों की वार्ता में उठेगा या नहीं।

एक अन्य जटिल मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री हसीना के प्रत्यर्पण की ढाका की मांग है। 78 वर्षीय हसीना अगस्त 2024 में सरकार विरोधी व्यापक आंदोलन के कारण अपनी सरकार के सत्ता से हटने के बाद ढाका से भारत आ गई थीं।

भाषा राखी पारुल

पारुल