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ठाणे/मुंबई, सात अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि कांग्रेस ‘‘जनभावना’’ का सम्मान करेगी और उपमुख्यमंत्री एवं राकांपा अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ अपने उम्मीदवार को वापस लेकर बारामती विधानसभा क्षेत्र में निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करेगी।
कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि फडणवीस की टिप्पणियां ‘‘पाखंड की पराकाष्ठा’’ को दर्शाती हैं।
विमान दुर्घटना में 28 जनवरी को सुनेत्रा के पति और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी। मतदान 23 अप्रैल को निर्धारित है और मतगणना चार मई को होगी।
मीरा-भायंदर में मेट्रो लाइन नौ कॉरिडोर के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए, फडणवीस ने कहा कि दुखद परिस्थितियों को देखते हुए बारामती के लोग एक सर्वसम्मत उम्मीदवार चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जनभावना सुनेत्रा पवार के साथ है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस जनता की भावनाओं का सम्मान करेगी। लोग चाहते हैं कि सुनेत्रा जी बिना किसी विरोध के निर्वाचित हों।’’
फडणवीस ने कहा कि अगर कांग्रेस चुनाव मैदान से हटती है, तो इसका मतलब अजित पवार की स्मृति का सम्मान करना होगा।
उनकी यह अपील कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे द्वारा निर्विरोध निर्वाचन के आह्वान को नजरअंदाज करते हुए सुनेत्रा पवार के खिलाफ नामांकन पत्र दाखिल करने के एक दिन बाद आई है।
चुनाव से नाम वापस लेने की अंतिम तिथि नौ अप्रैल है।
विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री की स्मृति में सम्मान के तौर पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि अगर अजित पवार से जुड़े विमान हादसे में प्राथमिकी दर्ज की जाती है, तो वह चुनाव मैदान से हटने पर विचार करेगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने फडणवीस पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां ‘‘खुद में बदलाव किए बिना दूसरों को उपदेश देने’’ के समान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस वास्तव में जनभावना की अनदेखी कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने एक बयान में कहा, ‘‘महाराष्ट्र की जनता की वास्तविक भावना यह है कि अजित पवार के विमान दुर्घटना को लेकर जो संदेह हैं, चाहे वह दुर्घटना हो या साजिश, उन्हें स्पष्ट किया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि फडणवीस तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने और दुर्घटना की निष्पक्ष जांच शुरू करने का निर्देश देकर अपना कर्तव्य निभा सकते थे, लेकिन ‘‘वह ऐसा करने में विफल रहे और इसके बजाय इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहे हैं।’’
भाषा आशीष माधव
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