नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके धर्मार्थ ट्रस्ट के खिलाफ धनशोधन जांच के तहत दिल्ली के जामिया नगर में एक मकान, फरीदाबाद में खेती की जमीन और कई बैंक खातों में जमा राशि कुर्क की है, जिनकी कुल कीमत 39 करोड़ रुपये से ज्यादा है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए विस्फोट से जुड़े एक ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान जांच एजेंसियों के रडार पर आई थी। इस विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे।
ईडी ने एक बयान में कहा कि धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के नियमों के तहत इन संपत्तियों के लेन-देन पर रोक लगाने के लिए एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया गया है।
इन संपत्तियों में दिल्ली के जामिया नगर में स्थित एक मकान, फरीदाबाद के धौज इलाके में खेती की जमीन और कुछ बैंक खातों में जमा रकम एवं सावधि जमा राशि शामिल हैं।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इन संपत्तियों की कुल कीमत 39.45 करोड़ रुपये है।
सिद्दीकी (61) अभी जेल में बंद हैं।
सिद्दीकी को पहली बार नवंबर 2025 में ईडी ने धनशोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी धनशोधन के एक मामले के तहत की गई, जो उनके शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है।
सिद्दीकी को दिल्ली में 45 करोड़ रुपये मूल्य के भूखंड को ‘धोखाधड़ी’ से खरीदने से जुड़े दूसरे धनशोधन मामले में एजेंसी ने पिछले महीने दोबारा गिरफ्तार किया था।
वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं।
ताजा कुर्की की कार्रवाई धनशोधन के पहले मामले की जांच के तहत की गई है।
ईडी ने जनवरी में अदालत में सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।
एजेंसी ने जनवरी में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के परिसर में 144.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।
भाषा वैभव पारुल
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