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UP: गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर बनाई गई औरंगजेब की पेंटिंग को लेकर हंगामा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर एक नई पेंटिंग ने विवाद खड़ा कर दिया है। यह पेंटिंग मुगल सम्राट औरंगजेब की है, जिसे स्टेशन के एक दीवार पर बनाया गया था। पेंटिंग को लेकर स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोगों ने इसे भारतीय इतिहास के एक विवादास्पद हिस्से के रूप में देखा और इसका विरोध किया, जबकि कुछ ने इसे ऐतिहासिक संदर्भ में देखने की बात की।गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर औरंगजेब की पेंटिंग को हाल ही में एक कला प्रोजेक्ट के तहत लगाया गया था। इस पेंटिंग का उद्देश्य भारतीय इतिहास के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करना था। हालांकि, जैसे ही पेंटिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

औरंगजेब के नाम से जुड़ा हुआ इतिहास भारतीय समाज में हमेशा से विवादास्पद रहा है। कुछ लोग उसे एक क्रूर और धार्मिक कट्टरपंथी सम्राट मानते हैं, जबकि कुछ उसे एक कुशल शासक के रूप में देखते हैं। इस पेंटिंग को लेकर गाजियाबाद में स्थानीय हिंदू संगठनों और कई राजनेताओं ने विरोध जताया। उनका कहना है कि औरंगजेब के शासनकाल में हिंदू मंदिरों को तोड़ा गया और धार्मिक उत्पीड़न हुआ, इसलिए उसकी पेंटिंग को सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना आपत्तिजनक है।

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर औरंगजेब की पेंटिंग को लेकर राजनीति भी गर्म हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी ने इसे भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे ऐतिहासिक संदर्भ में एक कला के रूप में देखा। कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी इसे ऐतिहासिक सत्य के रूप में स्वीकार किया और पेंटिंग को हटाने का विरोध किया।

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर यह पेंटिंग लगाए जाने के बाद से स्थानीय समाज में तनाव फैल गया। कुछ स्थानों पर तो पेंटिंग को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन भी हुए। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस छिड़ गई, जिससे माहौल और भी गरम हो गया। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पेंटिंग के विवाद पर रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह एक कला परियोजना का हिस्सा है और इसका उद्देश्य केवल भारतीय इतिहास के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत करना था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह किसी के लिए आपत्तिजनक है, तो हम स्थिति की समीक्षा करेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे। पेंटिंग को लेकर चल रहे विवाद के बीच, रेलवे अधिकारियों ने पेंटिंग के बारे में अधिक सार्वजनिक चर्चा की संभावना को खारिज नहीं किया। हालांकि, वर्तमान में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि पेंटिंग को हटाया जाएगा या नहीं। एक ओर, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के विरोध को देखते हुए यह मामला अब एक गंभीर मुद्दा बन चुका है।