22 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा को लेकर आज शनिवार को मेरठ में ट्रैफिक की बैठक ली। यातायात प्रबंधन और बाकी व्यवस्थाओं की प्लानिंग के लिए सरकार ने एडीजी ट्रैफिक के. सत्यनारायण मेरठ आ चुके हैं। एडीजी ट्रैफिक ने शुक्रवार को ही मेरठ के एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्रा के साथ बैठक की और तमाम प्लानिंग को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर कांवड़ियों के प्रवेश रोकने, दिल्ली से मेरठ आने वाले भारी वाहनों के रूट डायवर्जन और बाकी बातों को लेकर पुलिस लाइन में चर्चा की गई।
आपको बता दे कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच-58 पर ट्रैफिक प्लान, गंगनहर पटरी पर पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही बंद करने, बागपत के पुरा महादेव मंदिर तक जाने वाले रास्तों की सुरक्षा, मेरठ से बिजनौर होकर जाने वाले रास्तों पर रूट डायवर्जन और बाकी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की है। मेरठ जोन के अफसरों, गाजियाबाद पुलिस, नोएडा पुलिस, उत्तराखंड के अफसरों और दिल्ली पुलिस के साथ एडीजी शनिवार को मीटिंग हुई। इसके अलावा उत्तराखंड बार्डर तक निरीक्षण किया। एडीजी ने अफसरों से कहा कि शहर में जाम की समस्याओं को लेकर ई-रिक्शाओं का रूट निर्धारित करने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही करने, सड़क के किनारे अनावश्यक रूप से वाहन खड़े न हो एवं भारी वाहनों को बायीं लाइन में चलाया जायें । ट्रैफिक डायवर्जन होने के उपरान्त स्थानीय पुलिस बल को ब्रीफ कर ड्यूटी करें।
वहीं उन्होंने यह भी कहा पूरे कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे, सभी सीसी कैमरों को कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा। कंट्रोल रूम से ही माइक के जरिए कैमरों को अटैच कर दिशा निर्देश दिए जाएंगे,अच्छी कम्युनिकेशन सिस्टम को बनाए, कंट्रोल रूम से ही पूरी यात्रा को हैंडल किया जाए।ज्यादा से ज्यादा बोर्ड्स लगाए जाएंगे। वाहन पार्किंग, शिविर, मेडिकल कैम्प, रेस्ट एरिया, मंदिर, पेट्रोल पंप, रिचार्ज स्टेशन और रास्तों पर इंडिकेशन बोर्ड लगेंगे। सभी पर बार कोड लगेंगे।कांवड़ मार्ग अलग, लाइट वहीकल का मार्ग अलग होगा। हैवी व्हीकलस के लिए रूट डायवर्जन 22 जुलाई से होगी। हर दिन यातायात पुलिस पूरी यात्रा की समीक्षा करके रिपोर्ट एसपी यातायात के माध्यम से मुझे दी जाएगी। समीक्षा करके रिपोर्ट एसपी यातायात के माध्यम से मुझे दी जाएगी।