मेरठ में सेंट्रल जीएसटी कार्यालय के एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। सीबीआई ने जीएसटी सुपरिटेंडेंट आफताब और इंस्पेक्टर विकास सिंह के खिलाफ रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज किया है। दोनों अधिकारियों ने एक होम केयर सॉल्यूशन फर्म में कथित अनियमितताएं दिखाकर मालिक से 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इस मामले में पीड़ित व्यापारी अनिल राघव ने बताया कि जनवरी में उनकी फर्म के खरीद-बिक्री बिल जमा करने पर अधिकारियों ने गड़बड़ी का हवाला देकर 50 लाख रुपये की मांग की। बातचीत के बाद राशि 2 लाख रुपये तय हुई, जिसकी पहली किस्त एक लाख रुपये तय की गई। राघव ने इसकी शिकायत सीबीआई से की।
जिसके बाद सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और बुधवार को कार्रवाई की। जब राघव पैसे देने पहुंचे, तो सुपरिटेंडेंट आफताब ने अपने ड्राइवर सचिन को रिश्वत लेने भेजा। सीबीआई ने सचिन को एक लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस दौरान आफताब और विकास सिंह पीछे के रास्ते से फरार हो गए और अपने मोबाइल भी बंद कर लिए।
जहां सीबीआई ने आरोपी अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की, लेकिन वे नहीं मिले। जांच एजेंसी ने अब दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।