उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ मेला दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहा है। मेले में श्रद्धालुओं के साथ साधु-संतों की भी जमात है। कई साधु ईश्वर की भक्ति के अपने तरीकों से लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
ऐसे ही एक साधु हैं अमेठी के स्वामी अभय चैतन्य। उन्होंने रुद्राक्ष से 12 शिवलिंग बनाए हैं। ये शिवलिंग 12 ज्योतिर्लिंगों का प्रतीक हैं। स्वामी जी ने बताया कि इन शिवलिंगों को बनाने में रुद्राक्ष के सात करोड़ 51 लाख मनकों का उपयोग किया गया है। उन्होंने 10 हजार से ज्यादा गांवों में घूम-घूम कर रुद्राक्ष के मनके इकट्ठा किये थे।
महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालु इन शिवलिंगों को देख कर अचंभित हो जाते हैं। उनका कहना है कि रुद्राक्ष के बने शिवलिंग देख कर उन्हें आध्यात्मिक सुकून मिलता है। महाकुंभ को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में एक माना जाता है। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन खत्म होगा। उम्मीद है कि इस दौरान 40 से 45 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचेंगे।