Varanasi: आईआईटी-बीएचयू के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा उपकरण बनाया है जो मुश्किल इलाकों में सशस्त्र बलों के संचार के तरीके को बदल सकता है। डॉ. हरि प्रभात गुप्ता के नेतृत्व वाली एक टीम ने ये उपकरण बनाया है जिसे ड्रोन से जोड़ा जा सकता है। ये इसे अपने सामने आने वाली चुनौतियों को पार करते हुए डेटा ट्रांसफर करने में सक्षम बनाता है।
इस खास उपकरण के आविष्कारकों का कहना है कि ये घुसपैठ की पहचान करने में विशेष रूप से इस्तेमाल होगा क्योंकि ये असामान्य गतिविधियों का पता लगा सकता है और साथ में तस्वीरें भी भेज सकता है। इस डिवाइस का वजन मात्र 20 ग्राम है और इसकी कीमत 1,500 रुपये है।
अपने शोधकर्ताओं की टीम के साथ मिलकर इस डिवाइस को बनाने वाले डॉ. गुप्ता का कहना है कि उन्हें जल्द ही इसका पेटेंट मिलने की उम्मीद है। वो इसे भारतीय सेना द्वारा दुर्गम इलाकों में इस्तेमाल होते देखने के लिए उत्सुक हैं।