रामसर स्थलों की सूची में भारत की तीन और आर्द्रभूमि को शामिल किया गया है। इसी के साथ भारत में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को ये जानकारी दी।
यादव ने कहा कि रामसर स्थलों (अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि) में शामिल किये गए स्थलों में तमिलनाडु में नंजरायण पक्षी अभयारण्य और काझुवेली पक्षी अभयारण्य और मध्य प्रदेश में तवा जलाशय शामिल हैं। रामसर सूची में शामिल 85 भारतीय आर्द्रभूमि 13.5 लाख हेक्टेयर से ज्यादा इलाके में फैली हुई हैं।
तमिलनाडु में रामसर स्थलों की संख्या सबसे ज्यादा 18 हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश है जहां ऐसे स्थलों की संख्या 10 है। सरकार की ओर से अहम नीतिगत कोशिशों के कारण पिछले 10 वर्ष में रामसर स्थलों की संख्या 26 से बढ़कर 85 हो गई है, जिनमें से 41 पिछले तीन सालों में ही जोड़े गए हैं।