Breaking News

बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने किया सरेंडर     |   सरेंडर के बाद कोर्ट में पेश हुए रमेश म्हात्रे, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए     |   सोनम वांगचुक केस: पत्नी ने SC का दरवाजा खटखटाया, सोमवार को जल्द सुनवाई की मांग     |   नागालैंड के मोन में भारी लैंडस्लाइड, 3 की मौत, 4 लोग अब भी मलबे में फंसे     |   लगातार पांचवीं बार महंगी हुई CNG, अहमदाबाद में ₹90.02 प्रति किलो हुई कीमत     |  

जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन से 4 की मौत

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राजौरी और पुंछ जिलों में भारी तबाही मचा दी है। पुंछ जिले में रातभर हुई तेज बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है। राजौरी में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ के तेज बहाव में 250 से अधिक वाहन बह गए और कई मकान व सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। जहां प्रशासन और बचाव दलों ने सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। उधर, कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों में खराब मौसम के चलते श्री माता वैष्णो देवी यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

बता दें कि राजौरी में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद रविवार सुबह अचानक बाढ़ आ गई जिसके बाद सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ का पानी निचले इलाकों और नए बस अड्डे में भर गया। साथ ही नदियों के उफान पर आने और तटबंधों के टूटने से कई वाहन बह गए या पानी में डूब गए। उन्होंने बताया कि बचाव एवं राहत दल स्थानीय प्रशासन की सहायता से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने में जुटा है। वहीं स्थानीय कांग्रेस विधायक इफ्तिखार अहमद ने कहा कि इस बाढ़ से सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। 

मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसी बीच शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश के रातभर जारी रहने के कारण राजौरी जिले में नदियां और नाले उफान पर आ गए। अधिकारियों के अनुसार दरहाली, खांडली, सुकतोह और जमोला सहित राजौरी की सभी प्रमुख नदियों में बाढ़ आ गई। इनमें से अधिकांश नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। उन्होंने बताया कि दरहाली नदी ने बेला कॉलोनी के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार को तोड़ दिया, जिससे बाढ़ का पानी नए बस अड्डे में घुस गया और वहां खड़े कई वाहन बह गए या डूब गए।

अब्दुल्ला ब्रिज के पास स्थित झुग्गी बस्ती भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुई, जहां पानी घरों में घुस जाने के कारण 50 से अधिक परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। तारिक ब्रिज के पास का इलाका भी जलमग्न हो गया, जिसके बाद पुलिस ने लोगों को नदी किनारे और निचले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पुलिस की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं और नदी किनारे तथा निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने का परामर्श जारी किया है, जबकि पुलिस ने स्थिति पर नजर रखने और प्रभावितों की मदद के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।

कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों में खराब मौसम के कारण श्री माता वैष्णो देवी यात्रा अभी भी रुकी हुई है। अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में इस इलाके में बड़े पैमाने पर आंधी-तूफान और भारी बारिश की संभावना है। मौसम ठीक होने और रास्ता सुरक्षित हो जाने के बाद यात्रा फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज सुबह से ही मैं जम्मू के कुछ हिस्सों, खासकर राजौरी शहर और उसके आस-पास के इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश से बने हालात पर बारीकी से नजर रख रहा हूं। मैं इस इलाके के स्थानीय विधायकों के संपर्क में हूं। जैसे-जैसे हालात सामने आ रहे हैं, प्रशासन की पहली प्राथमिकता कीमती जानें बचाना है।

सरकार उन प्रभावित लोगों की मदद और सहायता के लिए हर संभव कोशिश करेगी जिनकी संपत्ति को बारिश और अचानक आई बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग की चेतावनी और जम्मू डिवीजन के कुछ हिस्सों में बने गंभीर हालात को देखते हुए, मैं आज दोपहर दिल्ली से जम्मू के लिए उड़ान भरूंगा ताकि जमीनी स्तर पर हालात का खुद जायजा ले सकूं।